राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में वीरता और साहस का परिचय देने वाले सैन्य एवं पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया। समारोह में 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान किए गए। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर के लिए मिला वीर चक्र
ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान उड़ाते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अभियान के दौरान उनके साहस, नेतृत्व और उत्कृष्ट सैन्य कौशल के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया। मनीष अरोड़ा इससे पहले भी शौर्य चक्र प्राप्त कर चुके हैं।
LoC पर आतंकियों का सफाया करने वाले अफसर को शौर्य चक्र
लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला को भी उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक सैन्य अभियान के दौरान तीन आतंकियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके साहसिक नेतृत्व को देखते हुए उन्हें शौर्य चक्र प्रदान किया गया।
अरुणाचल अभियान में दिखाया अदम्य साहस
मेजर आदित्य प्रताप सिंह को अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में सैन्य अभियान के दौरान असाधारण वीरता दिखाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। कठिन परिस्थितियों में उनके साहस और नेतृत्व की सराहना की गई।
नक्सल विरोधी अभियान के हीरो बने पुलिस अधिकारी
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बहादुरी दिखाने वाले इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को भी शौर्य चक्र प्रदान किया गया। दोनों अधिकारियों ने 16 अप्रैल 2024 को हुए बड़े ऑपरेशन में मोर्चा संभालते हुए घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला और अभियान को सफल बनाया।
नौसेना की महिला अधिकारियों को भी मिला सम्मान
भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. को नाविका सागर परिक्रमा-II अभियान के दौरान साहस, धैर्य और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। दोनों अधिकारियों ने समुद्री अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया था।
शहीद जवान को मरणोपरांत शौर्य चक्र
4 राष्ट्रीय राइफल्स के शहीद लांस दफादार बलदेव चंद को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह सम्मान उनकी पत्नी और माता को सौंपा। समारोह में यह क्षण बेहद भावुक रहा।
प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रहे मौजूद
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए असाधारण योगदान देने वाले जवानों के साहस को सम्मानित किया गया।