प्रधानमंत्री Narendra Modi फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें G7 Summit 2026 के वर्किंग सेशन में शामिल हुए। इस सत्र का विषय ‘सभी के हित में संतुलित, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास को फिर से गति देना’ रखा गया है। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक भरोसे, साझेदारी और समुद्री सुरक्षा के मुद्दों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा।
VIDEO | France: PM Narendra Modi (@narendramodi) attends Working Meeting at G7 Summit in Evian.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 17, 2026
(Source: Third Party)#G7Summit #PMModi
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होर्मुज संकट पर उठाई भारतीयों की सुरक्षा की बात
समिट के पहले दिन आयोजित आउटरीच सेशन में प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा माने जाने वाले इस समुद्री मार्ग में कई भारतीय नाविकों और नागरिकों ने जान गंवाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाए रखना और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ रहा है।
ट्रम्प भी रहे मौजूद, आज हो सकती है द्विपक्षीय बैठक
आउटरीच सेशन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump भी मौजूद थे और प्रधानमंत्री मोदी के समीप बैठे थे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत भी हुई। व्हाइट हाउस के अनुसार बुधवार शाम दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। इसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, निवेश, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
'दुनिया में संसाधनों की नहीं, भरोसे की कमी'
G7 मंच से प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक सहयोग के लिए विश्वास को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें
- आज दुनिया पहले से कहीं अधिक परस्पर जुड़ी हुई है।
- सफल साझेदारी की नींव भरोसे पर टिकी होती है।
- दुनिया में संसाधनों की नहीं, बल्कि भरोसे की कमी है।
- विकास तभी सार्थक है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो।
- ग्लोबल साउथ को केवल सहायता नहीं, बल्कि बराबरी की साझेदारी चाहिए।
- देशों को लेन-देन की मानसिकता से आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए।
16 महीने बाद फिर साथ दिखे मोदी और ट्रम्प
G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात विशेष चर्चा का विषय रही। दोनों नेताओं की यह मुलाकात लगभग 16 महीने बाद हुई। ग्रुप फोटो सेशन के दौरान दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से मुलाकात की। बाद में आउटरीच सत्र में भी दोनों के बीच बातचीत हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों नेताओं ने करीब पांच मिनट तक चर्चा की। भारत-अमेरिका संबंधों में हाल के महीनों में व्यापार शुल्क, वीजा और रणनीतिक मुद्दों को लेकर कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। ऐसे में यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कई देशों के नेताओं से भी हुई मुलाकात
G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इनमें यूएई, जापान, दक्षिण कोरिया, केन्या, मिस्र और कनाडा के शीर्ष नेता शामिल रहे। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
