मिडिल ईस्ट तनाव में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच अहम बातचीत हुई है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, दोनों नेताओं ने फोन पर मौजूदा हालात और खासतौर पर Strait of Hormuz को खुला रखने की जरूरत पर चर्चा की।
बताया जा रहा है कि इस अहम समुद्री मार्ग पर बढ़ते खतरे का असर वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है। कई तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता का माहौल बन गया है।
मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति बहाली के पक्ष में है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का सुरक्षित और निर्बाध संचालन पूरी दुनिया के लिए बेहद जरूरी है। दोनों नेताओं ने भविष्य में भी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।
सैन्य कार्रवाई को पांच दिनों के लिए टाला
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि अमेरिका और Iran के बीच बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। इसी के मद्देनजर उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर संभावित सैन्य कार्रवाई को पांच दिनों के लिए टालने के निर्देश दिए हैं। वहीं, भारत की ओर से भी कूटनीतिक सक्रियता जारी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से फोन पर चर्चा की। इस बातचीत में पश्चिम एशिया के हालात, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
भारत लगातार इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और शांति व स्थिरता कायम रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है।