पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सक्रिय बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। संगठन ने अपने कमांडर इन चीफ बशीर जेब बलोच को शीर्ष पद से हटा दिया है। 3 नवंबर को जारी बयान में BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने इसकी जानकारी दी। अब संगठन की प्रशासनिक, सैन्य और नीतिगत जिम्मेदारियां सीनियर कमांड काउंसिल संभालेगी। नए कमांडर की नियुक्ति होने तक यही परिषद संगठन के बड़े फैसले लेगी।
बशीर जेब का नाम पाकिस्तान में हुए कई बड़े हमलों से जुड़ा रहा है। उनके नेतृत्व में BLA ने पाकिस्तानी सेना, सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और चीनी हितों को निशाना बनाया। बलूचिस्तान में हथियारबंद लड़ाकों के साथ उनके वीडियो और उनकी रौबदार छवि सोशल मीडिया पर चर्चा में रही। इसी वजह से उनकी तुलना फिल्म 'धुरंधर' के किरदार हमजा अली माजरी से भी की जाती थी।
2018 में संभाली थी संगठन की कमान
बशीर जेब ने दिसंबर 2018 में BLA की कमान संभाली थी। उन्होंने असलम बलोच की जगह यह जिम्मेदारी ली थी। असलम बलोच की अफगानिस्तान के कंधार में एक आत्मघाती हमले में मौत हो गई थी। इससे पहले बशीर जेब छात्र राजनीति से जुड़े रहे थे और बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन-आजाद के अध्यक्ष भी रह चुके थे।
बशीर जेब के नेतृत्व में BLA ने पाकिस्तान में कई बड़े हमलों को अंजाम दिया। इनमें 2018 में कराची स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमला, 2019 में ग्वादर के पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल पर हमला और 2020 में कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हमला शामिल हैं। मार्च 2025 में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन के अपहरण की घटना में भी BLA का नाम सामने आया था। संगठन ने बलूचिस्तान में ऑपरेशन हेरोफ और हेरोफ-2 के तहत समन्वित हमलों की जिम्मेदारी भी ली थी।
आखिर क्यों हटाए गए बशीर जेब?
BLA ने अपने आधिकारिक बयान में बशीर जेब को हटाने की वजह संगठन के संवैधानिक नियमों को बताया है। संगठन के मुताबिक, यह फैसला 16 अक्टूबर को हुई शीर्ष नेतृत्व की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया था। BLA का कहना है कि उसके 2018 में बनाए गए नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति जीवनभर कमांडर इन चीफ के पद पर नहीं रह सकता।
हालांकि, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की रिपोर्ट में इस बदलाव के पीछे संगठन के भीतर सैन्य रणनीति को लेकर मतभेदों की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन हेरोफ-2 के दौरान अपनाई गई रणनीति और लड़ाकों के भारी नुकसान को लेकर बशीर जेब और संगठन के दूसरे कमांडरों के बीच असहमति बढ़ गई थी।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मजीद ब्रिगेड के प्रमुख कैप्टन रहमान गुल ने बड़े स्तर पर एक साथ हमले करने की रणनीति पर सवाल उठाए थे। उनका मानना था कि इससे संगठन के लड़ाकों की पहचान करना और उन्हें निशाना बनाना पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लिए आसान हो गया। हालांकि, BLA ने आधिकारिक तौर पर इन मतभेदों को बशीर जेब को हटाने की वजह नहीं बताया है।
अब सीनियर कमांड काउंसिल संभालेगी जिम्मेदारी
BLA के बयान के मुताबिक, बशीर जेब के सभी प्रशासनिक, सैन्य और नीतिगत अधिकार सीनियर कमांड काउंसिल को सौंप दिए गए हैं। परिषद नए कमांडर की नियुक्ति तक संगठन का कामकाज संभालेगी। संगठन ने इस बदलाव को शांतिपूर्ण और संवैधानिक प्रक्रिया बताया है। उसका दावा है कि इससे संगठन के सैन्य अभियानों और कमांड व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कहां हैं बशीर जेब, इस पर सस्पेंस
बशीर जेब को शीर्ष पद से हटाए जाने के बाद उनके मौजूदा ठिकाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके घायल होने, जहर दिए जाने और भारत लाए जाने तक के दावे किए गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह संगठन में किसी अन्य भूमिका में बने रहेंगे या नहीं।
BLA ने अपने सबसे चर्चित नेताओं में शामिल बशीर जेब को कमांडर इन चीफ की जिम्मेदारी से अलग कर दिया है। अब देखना होगा कि नया नेतृत्व संगठन की कमान कैसे संभालता है और इस बदलाव का बलूचिस्तान में जारी संघर्ष पर क्या असर पड़ता है।