तेहरान: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईरान ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए अब उन होटलों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है, जहां अमेरिकी सैनिक ठहरे हुए हैं। ईरान ने खाड़ी देशों के होटल मालिकों को अल्टीमेटम जारी कर साफ कहा है कि वे अमेरिकी सैन्य कर्मियों को ठहरने की अनुमति न दें, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान को अमेरिका के युद्धविराम जैसे बयानों पर भरोसा नहीं है और उसने जवाबी कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए हैं।
होटलों को अल्टीमेटम, अमेरिकी मौजूदगी पर चेतावनी
ईरान की सेना के प्रवक्ता अबोलफ़ज़ल शेकरची ने कहा कि जहां भी अमेरिकी सैनिक मौजूद होंगे, उसे सैन्य लक्ष्य माना जाएगा। उनके मुताबिक, यदि किसी होटल में अमेरिकी फोर्स ठहरती है, तो वह स्थान ईरान के लिए वैध टारगेट बन जाता है।ईरान ने विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सीरिया, लेबनान और जिबूती के होटल संचालकों को चेतावनी दी है. उनका कहना है कि अमेरिकी सैनिकों को ठहराने से ये स्थान खतरे में आ सकते हैं।
विदेश मंत्री का आरोप- ‘मानव ढाल’ बना रहा अमेरिका
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिकी सैनिक सैन्य ठिकानों को छोड़कर नागरिक इलाकों में छिप रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि खाड़ी देशों में सैनिकों की मौजूदगी को आम लोगों के बीच रखा जा रहा है, जिससे वे ‘मानव ढाल’ की तरह इस्तेमाल हो रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर क्षेत्र के होटलों से अपील की कि वे अमेरिकी सैनिकों को बुकिंग न दें।
‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत हमले जारी
ईरान की सेना और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” की 83वीं लहर शुरू कर दी है। इसमें इजरायल और अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन में मिसाइलों, ड्रोन और मल्टी-वॉरहेड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। ईरान का कहना है कि ये हमले आगे भी जारी रहेंगे।विशेषज्ञों के अनुसार, इस नई रणनीति से पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताएं बढ़ सकती हैं और क्षेत्र में तनाव और गहराने की आशंका है।