पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा, जबकि ईरान ने भी होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नए संकेत देकर क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने की कोशिशों के तहत पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे हैं।
लेबनान में इजरायली हमले तेज
इजरायली सेना ने दावा किया है कि पिछले दो दिनों में लेबनान के करीब 100 ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजरायल डिफेंस फोर्सेस के मुताबिक यह कार्रवाई हिजबुल्लाह की ओर से ड्रोन, मोर्टार और विस्फोटक हमलों के जवाब में की गई। दक्षिणी लेबनान के टायर इलाके सहित कई स्थानों पर कथित हथियार ठिकानों, निगरानी चौकियों और गोदामों पर हमले किए गए। दूसरी ओर हिजबुल्लाह लगातार ड्रोन हमलों के वीडियो जारी कर रहा है, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और गहरा गया है।
सीजफायर के बावजूद नहीं थमी हिंसा
अमेरिका की पहल पर इजरायल और लेबनान के बीच 45 दिनों के लिए संघर्ष विराम बढ़ाया गया था, लेकिन जमीनी हालात अलग कहानी बता रहे हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से अब तक जारी संघर्ष में लगभग 2,969 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में ही 80 से अधिक लोगों की जान गई है। इससे इलाके में मानवीय संकट और गहरा गया है।
गाजा पट्टी में भी जारी हमले
गाजा पट्टी में भी इजरायली सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है। खान यूनिस के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में भारी गोलाबारी की खबरें सामने आई हैं। सैन्य वाहनों से फायरिंग के अलावा कई इलाकों में तोपों का इस्तेमाल किया गया। अल-बुरेज शरणार्थी कैंप के आसपास भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। वहीं गाजा सिटी के तटीय क्षेत्र में इजरायली नौसेना के जहाजों से फायरिंग की सूचना मिली है। लगातार हो रहे हमलों से स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
यरुशलम के पास धमाके से मचा हड़कंप
शनिवार रात यरुशलम के पास स्थित बीत शेमेश इलाके में एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी फैल गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में आसमान में उठती आग की लपटें और धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि यह विस्फोट एक टेस्टिंग ग्राउंड में हुआ, जो इजरायल की सरकारी रक्षा कंपनी से जुड़ा है। हालांकि कंपनी ने इसे नियमित परीक्षण बताया है। लेकिन बिना पूर्व सूचना हुए इस धमाके को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
खाड़ी देशों को ईरान की चेतावनी
ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात को भी चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि इन देशों ने अपनी जमीन ईरान विरोधी गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराई है। मोखबर ने कहा कि ईरान अब तक संयम बरतता रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर स्थिति बदल सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हालिया जवाबी कार्रवाइयों में ईरान ने अपनी पूरी सैन्य क्षमता का इस्तेमाल नहीं किया था।
🇮🇱 Massive explosion with bright flash reported near Beit Shemesh, central Israel.
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) May 16, 2026
Fire and rescue crews reportedly blocked from reaching the scene.
Beit Shemesh was struck by an Iranian ballistic missile on March 1. 9 killed.
Cause is still unknown.
Source: NAYA pic.twitter.com/FTKR2LUqBA
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नया प्लान
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को लेकर नई रणनीति तैयार करने का दावा किया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अब एक नया 'ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' लागू किया जाएगा। उनके मुताबिक इस व्यवस्था के तहत उन्हीं जहाजों को विशेष सुविधा मिलेगी जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे। साथ ही अमेरिका से जुड़े कुछ जहाजों पर प्रतिबंध लगाने के संकेत भी दिए गए हैं। कुछ समुद्री सेवाओं के लिए शुल्क वसूलने की बात भी कही गई है।
अमेरिकी दबाव रणनीति जारी
उधर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अब तक 78 जहाजों को वापस लौटाया गया है। इसे ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इसी दौरान ईरानी टीवी चैनलों पर AK-47 चलाने की ट्रेनिंग जैसे कार्यक्रम प्रसारित होने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे क्षेत्रीय माहौल और संवेदनशील हो गया है।