पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार में सोमवार को हुए हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 75 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में बच्चे, छात्र और आम नागरिक शामिल हैं। तालिबान सरकार ने इन हमलों के लिए सीधे पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है।
अफगान अधिकारियों के मुताबिक कुनार की राजधानी असदाबाद में रिहायशी इलाकों के साथ सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया। दूसरी तरफ पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने किसी यूनिवर्सिटी या नागरिक इलाके पर हमला नहीं किया घटना के बाद सोशल मीडिया पर धमाकों और तबाही की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं।
कुनार में क्या हुआ?
Media रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में जोरदार धमाके हुए,तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने दावा किया कि पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और रॉकेट दागे गए। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और यूनिवर्सिटी परिसर भी हमलों की चपेट में आया। अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायल पहुंचाए गए हैं। इनमें कई छात्र और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।
Today, April 27, 2026, the military regime of Pakistan once again conducted artillery shelling using mortars and rockets against multiple areas of Asadabad, the provincial capital of Kunar, as well as parts of Manogai District.
In these attacks, which commenced at 2:00 PM,… pic.twitter.com/vnpTU2W6be
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि नागरिक इलाकों को निशाना बनाने की खबरें गलत और भ्रामक हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच सीमा पर बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
6 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव
इससे पहले रविवार रात अफगानिस्तान के कंधार इलाके में पाकिस्तान सीमा के पास हिंसक झड़प हुई थी। खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार स्पिन बोल्डक इलाके में दोनों पक्षों के बीच भारी फायरिंग हुई।
दावा किया गया कि इस झड़प में पाकिस्तान के 6 सैनिक मारे गए, जबकि तालिबानी लड़ाके एक सैनिक को बंधक बनाकर ले गए, कुछ हथियार कब्जे में लेने की भी बात कही गई है। हालांकि पाकिस्तान ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक सीमा पार फायरिंग में एक स्थानीय बच्चे की भी मौत हुई थी। इसके बाद तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।
क्यों बढ़ रहा है पाकिस्तान-अफगानिस्तान विवाद?
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। इस विवाद की सबसे बड़ी वजह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) है। पाकिस्तान का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमले करता है।
इस्लामाबाद लगातार तालिबान सरकार पर दबाव बना रहा है कि वह TTP के खिलाफ कार्रवाई करे, लेकिन अफगान तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है। तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं का दोष अफगानिस्तान पर डाल रहा है।
2021 में अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनने के बाद से दोनों देशों के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान कई बार अफगान सीमा के भीतर एयरस्ट्राइक कर चुका है, जबकि तालिबान इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताता है।
मार्च में सीजफायर, अब फिर बिगड़े हालात
दोनों देशों के बीच मार्च 2026 में सीजफायर हुआ था, जिससे सीमा पर जारी हिंसा कुछ समय के लिए थम गई थी। लेकिन अब हालात फिर खराब होते दिखाई दे रहे हैं।
मार्च में पाकिस्तान ने काबुल के एक नशा मुक्ति केंद्र पर हमला किया था. जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत का दावा किया गया था। इसके बाद अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान को “कड़ा जवाब” देने की चेतावनी दी थी।
चीन, तुर्किए, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे देश दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन सीमा पर हिंसा लगातार जारी है।
TTP और तालिबान का क्या संबंध है?
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP का गठन पाकिस्तान में हुआ था. लेकिन उसका अफगान तालिबान से वैचारिक और रणनीतिक जुड़ाव माना जाता है।
2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का समर्थन किया था। इसके बाद TTP पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हो गया। TTP का आरोप है कि पाकिस्तान “सच्चे इस्लाम” के रास्ते पर नहीं चल रहा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अफगान तालिबान और TTP के बीच करीबी रिश्ते पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं। यही वजह है कि सीमा पर लगातार सैन्य टकराव और हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं।