इंडिया और यूएस के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता विफल हो गई है। जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा
अमेरिकी राजनयिक सर्जियो गोर के अनुसार, बातचीत के दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। इसमें ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जैसे मुद्दे भी शामिल रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच संभावित बड़े समझौतों, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
इस साल तीसरी बार बातचीत
साल 2026 में यह तीसरी बार है जब मोदी और ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई है। इससे पहले 2 फरवरी को व्यापार समझौते और 24 मार्च को पश्चिम एशिया के हालात पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई थी।
होर्मुज स्ट्रेट और शांति की उम्मीद
पहले की बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने क्षेत्र में जल्द शांति बहाल होने की उम्मीद भी जताई थी।
वार्ता विफल, तनाव बरकरार
गौरतलब है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच करीब 21 घंटे चली वार्ता का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका। हालांकि फिलहाल दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम बना हुआ है।
आगे की बातचीत की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता जल्द हो सकती है। इस बीच पश्चिम एशिया की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।