रूस की राजधानी मॉस्कों के आसपास हुए इस ड्रोन हमले ने युद्ध की गंभीरता को फिर सामने ला दिया है। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार हमले में एक व्यक्ति की जान गई और 61 लोग घायल हुए। घायलों में नौ की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन राहत और इलाज में जुटा है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां हमले के असर का आकलन कर रही हैं। रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष में हालिया घटनाक्रम इस बात का संकेत दे रहा है कि दोनों पक्ष अब पहले से अधिक आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं। ड्रोन हमलों और जवाबी कार्रवाई ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
मॉस्को के पास सबसे ज्यादा असर
गवर्नर के मुताबिक मॉस्को से करीब 60 किलोमीटर दूर इलेक्ट्रोस्टल शहर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां 57 लोग घायल हुए। नोगिंस्क में चार लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों को छर्रे लगने, विस्फोट से गंभीर चोट, फ्रैक्चर, जलने और धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का इलाज दिया जा रहा है। प्रशासन ने बताया कि कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल मरीजों की निगरानी जारी है।
Today, our long-range sanctions worked across three areas on Russian territory, as well as on our temporarily occupied land and at sea. In particular, in response to Russian strikes on our civilian infrastructure and on our cities and communities, two major logistics facilities… pic.twitter.com/oK87chn24u
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) July 18, 2026
रूस ने किया बड़े जवाबी हमले का दावा
हमले के बाद रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने पिछले 24 घंटों में 774 यूक्रेनी फिक्स्ड-विंग ड्रोन और 13 गाइडेड एरियल बम नष्ट किए। मंत्रालय के अनुसार रातभर प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों और अटैक ड्रोन की मदद से यूक्रेन के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। रूस का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य यूक्रेनी सेना की सप्लाई लाइन और सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।
ओडेसा पोर्ट और कार्गो जहाज भी निशाने पर
रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट को नुकसान पहुंचाया गया, जिसका इस्तेमाल ईंधन और अन्य सैन्य सामग्री की आपूर्ति के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा चोर्नोमोर्स्क पोर्ट पर गोला-बारूद उतार रहे एक कंटेनर जहाज और ब्लैक सी में स्नेक आइलैंड के पास यूक्रेनी सेना के लिए सामान ले जा रहे एक ड्राई कार्गो जहाज को भी निशाना बनाने का दावा किया गया है।
युद्ध का बढ़ता दायरा बढ़ा रहा चिंता
मॉस्को तक पहुंचे ड्रोन हमले और उसके बाद रूस की जवाबी कार्रवाई ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष अभी थमता नजर नहीं आ रहा। लगातार सैन्य हमले और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने से क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिकों पर खतरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के साथ सैन्य दबाव बढ़ा रहे हैं, जिससे युद्ध और लंबा खिंच सकता है।