मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने हलचल बढ़ा दी है। दावा किया गया है कि Mohammed bin Salman ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से ईरान पर हमले जारी रखने की बात कही है। हालांकि, इस पूरे मामले पर सऊदी अरब ने तुरंत सफाई देते हुए इन दावों को खारिज कर दिया है।
क्या है रिपोर्ट का दावा
अमेरिका की न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया बातचीत में सऊदी क्राउन प्रिंस ने कहा कि ईरान की मौजूदा सरकार को खत्म करना जरूरी है। उनके अनुसार, यह मिडिल ईस्ट की स्थिति बदलने का बड़ा मौका हो सकता है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह भी कहा गया कि सऊदी अरब ईरान को खाड़ी क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा मानता है।
सऊदी का इनकार, कहा- शांति ही रास्ता
रिपोर्ट सामने आने के बाद सऊदी सरकार ने साफ किया कि उसकी आधिकारिक नीति अब भी शांति की है। रियाद ने कहा कि वह किसी भी तरह के युद्ध विस्तार के पक्ष में नहीं है और इस संकट का समाधान बातचीत से ही निकाला जाना चाहिए। यानी, बयान और रिपोर्ट के बीच फर्क साफ नजर आ रहा है।
ट्रम्प ने हमले टाले, बातचीत की बात
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स पर संभावित हमलों को 5 दिन के लिए टाल दिया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच 15 मुद्दों पर सहमति बनी है, हालांकि पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। वहीं, ईरान ने इन बातचीत की खबरों से इनकार किया है।
चीन की अपील- बातचीत ही समाधान
वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात करते हुए जल्द शांति वार्ता शुरू करने की अपील की है। चीन का कहना है कि इस समय हर मौका बातचीत के लिए इस्तेमाल होना चाहिए, क्योंकि जंग किसी समस्या का स्थायी हल नहीं है।
सऊदी की शर्त क्या है
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब चाहता है कि जंग खत्म हो। लेकिन उससे पहले ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर किया जाए। रियाद का मानना है कि जब तक ईरान की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल ताकत सीमित नहीं होगी, तब तक क्षेत्र में स्थायी शांति मुश्किल है।