Who Are Houthis in Middle East War

कौन हैं हूती? यमन का वो समूह जिसने मिडिल ईस्ट जंग में ईरान के सपोर्ट में उतरकर बढ़ाई टेंशन

मिडिल ईस्ट युद्ध में यमन के हूती विद्रोहियों की एंट्री से हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इजरायल पर मिसाइल हमलों के बाद रेड सी और ग्लोबल व्यापार पर असर की आशंका बढ़ गई है।

कौन हैं हूती? यमन का वो समूह जिसने मिडिल ईस्ट जंग में ईरान के सपोर्ट में उतरकर बढ़ाई टेंशन

Who Is Huties

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। यमन के हूती विद्रोहियों ने खुलकर मैदान में उतरते हुए इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। शनिवार को दक्षिणी इजरायल पर मिसाइलों की बौछार ने साफ संकेत दे दिया कि अब यह लड़ाई सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहने वाली। हालात ये हैं कि हर नया दिन एक नई चिंता लेकर आ रहा है। अबकी बार सामने आई चिंता का नाम हूती है।

हूती कौन हैं और कैसे बने ताकतवर

हूती दरअसल यमन का एक राजनीतिक और सशस्त्र समूह है। यह समूह साल 2000 के दशक में उभरा। इसका नाम इसके संस्थापक हुसैन अल-हूती के नाम पर पड़ा। धीरे-धीरे इस संगठन ने उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण कायम कर लिया। 2014 में हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा किया था। तभी से यमन में गृहयुद्ध भड़क उठा। इस संघर्ष में सऊदी अरब के नेतृत्व में सैन्य हस्तक्षेप हुआ। इस हस्तक्षेप को अमेरिका का समर्थन भी मिला।

वही, हूती समूह को ईरान से समर्थन मिलता है। इसमें मिसाइल और ड्रोन तकनीक जैसे मामले खासतौर पर शामिल हैं। हालांकि, यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि वे ईरान के सीधे  'प्रॉक्सी' हैं। समर्थन में उनके अपने स्थानीय हित भी उतने ही अहम हैं।

इजरायल पर हमले क्यों अहम माने जा रहे हैं

हूती विद्रोहियों का इजरायल पर सीधे हमला करना इस जंग का दायरा बढ़ने का संकेत है। अब तक ये संघर्ष सीमित था। लेकिन अब इसमें नए खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर ये हमले सिर्फ इजरायल तक सीमित रहते हैं। तब ज्यादा बड़ा सैन्य असर शायद न दिखे, क्योंकि इजरायल का एंटी-मिसाइल सिस्टम काफी मजबूत है।

रेड सी में खतरा, दुनिया पर असर

अगर हूती फिर से रेड सी में जहाजों को निशाना बनाते हैं, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा। 2023 से 2025 के बीच हूतियों ने 100 से ज्यादा व्यापारिक जहाजों पर हमले किए थे। जिससे वैश्विक शिपिंग बुरी तरह प्रभावित हुई थी। अब अगर वही स्थिति दोहराई गई, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

बाब-अल-मंडाब जलडमरूमध्य और स्वेज नहर दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में शामिल हैं। यहां किसी भी तरह की बाधा का मतलब हैः

तेल और गैस की कीमतों में उछाल
सप्लाई चेन पर असर
ग्लोबल ट्रेड में रुकावट

कहा जाता है कि यूरोप और एशिया के बीच करीब 12-15% व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में अगर जहाजों को अफ्रीका के रास्ते घूमकर जाना पड़ा, तो लागत और समय दोनों बढ़ेंगे।

क्या आगे और बढ़ेगा युद्ध?

फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन संकेत अच्छे नहीं हैं। हूती पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद पीछे नहीं हटे हैं। अगर उन्होंने रेड सी में हमले तेज किए, तो यह जंग सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट में बदल सकती है। मिडिल ईस्ट पहले ही उथल-पुथल से गुजर रहा है। अब हूती की एंट्री ने इसे और उलझा दिया है। शायद आने वाले दिनों में इसका असर हर देश महसूस करेगा।

संबंधित सामग्री

भोपाल में कल BJP की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ विशाल पदयात्रा, राजनाथ की जगह JP नड्डा करेंगे शुभारंभ

भोपाल में कल BJP की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ विशाल पदयात्रा, राजनाथ की जगह JP नड्डा करेंगे शुभारंभ

भोपाल में 4 नवंबर को भाजपा की पदयात्रा निकलेगी। राजनाथ सिंह की जगह अब जेपी नड्डा इसका शुभारंभ करेंगे। अटल पथ पर तैयारियां तेज हैं।

Nov 03, 2026
MP Promotion Hold: एमपी के सरकारी कॉलेजों में 500 सहायक प्राध्यापकों का प्रमोशन अटका, तीन साल से फाइल लटकी

MP Promotion Hold: एमपी के सरकारी कॉलेजों में 500 सहायक प्राध्यापकों का प्रमोशन अटका, तीन साल से फाइल लटकी

एमपी के सरकारी कॉलेजों में 2004 और 2005 में भर्ती करीब 500 सहायक प्राध्यापकों का प्रमोशन अटका है। प्राध्यापक संघ ने अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जल्द निपटारा मांगा है।

Nov 03, 2026
संघ ने राजनारायण बसु की 200वीं जयंती पर किया याद, स्वदेशी और सामाजिक सुधार के अग्रदूत को श्रद्धांजलि अर्पित की

संघ ने राजनारायण बसु की 200वीं जयंती पर किया याद, स्वदेशी और सामाजिक सुधार के अग्रदूत को श्रद्धांजलि अर्पित की

आरएसएस ने स्वदेशी और सामाजिक सुधार के अग्रदूत राजनारायण बसु की 200वीं जयंती पर उन्हें याद किया। इंदौर बैठक में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बयान जारी किया।

Nov 03, 2026
वनडे वर्ल्ड कप 2027 में भारत पाकिस्तान मैच के 34 हजार टिकटों के लिए 84 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। फाइनल के 79 लाख आवेदन

वनडे वर्ल्ड कप 2027 में भारत पाकिस्तान मैच के 34 हजार टिकटों के लिए 84 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। फाइनल के 79 लाख आवेदन

वनडे वर्ल्ड कप 2027 में भारत पाकिस्तान मैच के 34 हजार टिकटों के लिए 84 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। फाइनल के 79 लाख आवेदनों से भी यह मांग ज्यादा है।

Nov 03, 2026
Digital Arrest: जांजगीर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग से 32 लाख की ठगी, इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार

Digital Arrest: जांजगीर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग से 32 लाख की ठगी, इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर में सीबीआई अफसर बनकर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करने और 32 लाख ठगने के मामले में पुलिस ने इंदौर से दो आरोपी पकड़े हैं। एक आरोपी पहले पंजाब से पकड़ाया था।

Nov 03, 2026