रायपुर। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के एक बयान के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण में हुई देरी को लेकर दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। अंबिकापुर दौरे पर पहुंचे ओपी चौधरी ने समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान आपसी राजनीतिक खींचतान के कारण मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन के लिए जरूरी फंड नहीं मिल पाया था।
ओपी चौधरी ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम रहे टीएस सिंहदेव सरगुजा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे, जबकि वित्त विभाग तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास था। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन का काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए हैं। अब निर्माण एजेंसियों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे ताकि लंबे समय से लंबित परियोजना का लाभ क्षेत्र की जनता को मिल सके।
सिंहदेव ने कहा- अधूरे काम को भी याद रखिए
वित्त मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएस सिंहदेव ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के संबंध में केवल अधूरे भवन की बात करना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना, संचालन और पोस्ट ग्रेजुएशन की सीटों की मंजूरी जैसे महत्वपूर्ण काम कांग्रेस सरकार के दौरान हुए थे। उनके मुताबिक भवन निर्माण के लिए स्वीकृत राशि से अधिक काम पहले ही हो चुका था और अतिरिक्त बजट मिलने पर शेष कार्य भी पूरा हो सकता था।
ढाई साल में काम पूरा क्यों नहीं हुआ?
पूर्व डिप्टी सीएम ने वर्तमान सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को बने करीब ढाई साल हो चुके हैं और सरगुजा के प्रभारी मंत्री भी लगातार इसी क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सिंहदेव ने पूछा कि यदि अतिरिक्त राशि उपलब्ध करा दी गई थी तो अब तक निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि जनता को यह भी बताया जाना चाहिए कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में परियोजना की प्रगति कितनी हुई है।
जनहित में मिलकर काम करने की अपील
टीएस सिंहदेव ने कहा कि विकास कार्यों को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय सरकार और विपक्ष को मिलकर समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन का निर्माण जल्द पूरा होगा, जिससे अंबिकापुर, सरगुजा और आसपास के जिलों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। फिलहाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन को लेकर शुरू हुई यह सियासी बहस प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है।