बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के दौरान हुआ हादसा तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया। दल्लीराजहरा इलाके में अचानक मिट्टी धंसने से 3 मजदूर 12 फीट गहरे गड्ढे में दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे दास पान ठेला चौक के पास हुआ, जहां पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था। रात करीब 11 बजे तक रेस्क्यू चला, लेकिन तब तक तीनों मजदूरों की जान जा चुकी थी।
12 फीट गड्ढे में दबे तीन मजदूर
बीएसपी टाउन के सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत पाइपलाइन डालने के लिए गहरी खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान मिट्टी अचानक भरभराकर धंस गई। इस हादसे में किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन की मौत हो गई। एक मजदूर किसी तरह बाहर निकल पाया, लेकिन बाकी तीन अंदर ही फंस गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि काम के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिससे हादसा इतना बड़ा हो गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और देर से पहुंची टीम
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर रेस्क्यू शुरू किया। करीब 4 घंटे बाद बीएसपी अधिकारी मौके पर पहुंचे, तब तक राहत कार्य लगभग पूरा हो चुका था। पुलिस और प्रशासन की टीम ने देर रात तक प्रयास कर तीनों शव बाहर निकाले और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरणों के 12 फीट गहरे गड्ढे में उतार दिया गया था। न तो बैरिकेडिंग थी और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के उपाय किए गए थे। बीजेपी नेता सौरभ लुनिया ने भी कहा कि काम हाइड्रा मशीन से होना चाहिए था, लेकिन मजदूरों से जोखिम भरा काम कराया गया।
मुआवजे पर बनी सहमति के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
हादसे के बाद परिजन और आदिवासी संगठनों ने बीएसपी अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग रखी। बाद में प्रशासन, श्रम विभाग और बीएसपी प्रबंधन के बीच समझौता हुआ। प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 12.50 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी, जिसमें श्रम विभाग, ठेकेदार और बीएसपी की अलग-अलग हिस्सेदारी तय की गई। इसके साथ ही एक परिजन को कांट्रेक्ट बेस पर नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया।
प्रशासनिक बयान और आगे की जांच
नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू ने इसे गंभीर लापरवाही बताया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, भोजराज नाग ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से लगातार चर्चा की गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।