जबलपुर। मध्य प्रदेश में जबलपुर के बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। हादसे में लापरवाही के आरोपों के बीच सरकार ने जिम्मेदार कर्मचारियों पर सीधे कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर शुरुआती जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है। यह कदम साफ संकेत देता है कि सरकार इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के मूड में है।
पायलट समेत तीन कर्मचारियों की सेवाएं खत्म
कार्रवाई के तहत क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया है। इन पर संचालन के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप हैं। प्रशासन ने यह कदम शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया है।
मैनेजर निलंबित और रीजनल मैनेजर पर भी कार्रवाई
होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। इससे साफ है कि कार्रवाई सिर्फ निचले स्तर तक सीमित नहीं रखी जा रही।
सीएम का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि हादसे में लापरवाही करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए हर संभव मदद का भरोसा भी दिया है। सरकार का रुख सख्त और स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
जबलपुर में बरगी जलाशय में हुए दुखद क्रूज हादसे में लापरवाही के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की गई है।
क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं।
होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के…
जांच जारी, और बढ़ सकती है कार्रवाई
सरकार ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई हो सकती है। अगर अन्य जिम्मेदारों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों और संचालन प्रक्रिया की समीक्षा शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।