भोपाल। राजधानी भोपाल में बड़े तालाब के संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देश पर सोमवार से भदभदा चौराहे से वन विहार तक 50 मीटर के निर्धारित दायरे में आने वाले अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया। पहले दिन नगर निगम और टीटी नगर नजूल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भदभदा क्षेत्र में सैरसपाटा के पास स्थित 9 दुकानों को हटाया।
21 अप्रैल तक चलेगा अभियान
प्रशासन ने कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। यह अभियान 21 अप्रैल तक जारी रहेगा और इसमें भदभदा से लेकर बैरागढ़, हलालपुरा और हुजूर क्षेत्र तक कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान विरोध
कार्रवाई के दौरान स्थानीय दुकानदारों ने विरोध जताया। उनका कहना है कि वे लंबे समय से यहां रह रहे थे और बिना पर्याप्त समय दिए सीधे कार्रवाई कर दी गई। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बड़े होटल और अन्य संस्थानों पर कार्रवाई नहीं की जा रही।
वन विहार में पिलर निर्माण पर सवाल
कार्रवाई के बीच वन विहार क्षेत्र में 2.5 किलोमीटर में 100 से अधिक पिलर लगाए जाने का मामला भी सामने आया है। पर्यावरणविदों ने इसे वेटलैंड नियमों के खिलाफ बताते हुए एनजीटी में शिकायत करने की बात कही है।
नोटिस के बावजूद नहीं हटाए अतिक्रमण
नगर निगम आयुक्त के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाए गए। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की।
मैरिज गार्डन और हाउसिंग प्रोजेक्ट भी निशाने पर
बैरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में संचालित अवैध मैरिज गार्डन और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स भी प्रशासन के निशाने पर हैं। इन पर बिना अनुमति संचालन और जल प्रदूषण फैलाने के आरोप हैं।
कैचमेंट एरिया बचाने पर फोकस
प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया को अतिक्रमण मुक्त करना है, ताकि जल प्रवाह सुचारु हो सके और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान न पहुंचे।
तय शेड्यूल के अनुसार होगी कार्रवाई
प्रशासन ने कार्रवाई के लिए दिनवार योजना तैयार की है, जिसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों में बुलडोजर अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान शहर के सबसे बड़े जल स्रोत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आगे भी सख्ती जारी रहेगी।