राजधानी में जनगणना 2027 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। जिले में 1 मई से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकानों और परिवारों से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। इस बड़े सर्वे कार्य के लिए 6 हजार से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग जोन बनाकर काम करेंगे।
जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 1 मई से 30 मई तक चलेगा, जिसमें मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे।
इसमें मकान का प्रकार, उसकी स्थिति, छत और दीवार की गुणवत्ता, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार प्रमुख का नाम और लिंग जैसी मूलभूत जानकारी शामिल है। इसके अलावा पेयजल का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, गंदे पानी की निकासी, बिजली, पीएनजी कनेक्शन, इंटरनेट सुविधा, मोबाइल, टीवी, वाहन आदि से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
25 जोन में होगा सर्वे, हर प्रगणक को 200 मकानों की जिम्मेदारी
भोपाल के शहरी क्षेत्र को 25 जोन में विभाजित किया गया है, जहां 5,042 प्रगणकों की नियुक्ति की गई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 907 प्रगणक तैनात किए गए हैं। प्रत्येक प्रगणक को औसतन 200 मकानों का सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।इसके अलावा कार्य की निगरानी के लिए हर छह प्रगणकों पर एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जिससे डेटा संग्रह की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
डिजिटल होगी जनगणना, सेल्फ एन्युमरेशन की सुविधा
जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है, जो इसे पहले की जनगणनाओं से अलग बनाता है। इस बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए सेल्फ एन्युमरेशन का विकल्प भी दिया जाएगा।इसके लिए विशेष मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं, जिनके माध्यम से डेटा संग्रह, प्रबंधन और मॉनिटरिंग की जाएगी।
जोन स्तर पर प्रशिक्षण जारी, सटीकता पर रहेगा फोकस
जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य के लिए अधिकृत किया है।राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायत, शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को प्रगणक और सुपरवाइजर बनाया गया है। इन सभी का प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से 15 से 25 अप्रैल के बीच कराया जा रहा है।
नियुक्त अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में जानकारी एकत्रित करने, दस्तावेजों की जांच करने और जनगणना से संबंधित कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए अधिकृत होंगे। इसके साथ ही वे आवश्यकतानुसार किसी भी व्यक्ति से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण भी कर सकेंगे।
प्रशिक्षण सत्रों में प्रगणकों को मकान नंबरिंग, सर्वे प्रक्रिया, सावधानियां और नागरिकों से समन्वय बनाने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि तय समय-सीमा में यह कार्य पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न हो।
महिला से पति या पुरुष सदस्य का नाम जबरन नहीं पूछा जाएगा
गृह विभाग ने जनगणना को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि कोई भी प्रगणक अपने क्षेत्र में केवल वही प्रश्न पूछ सकेगा, जिनके लिए उसे केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत किया गया है।
साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी महिला को उसके पति या किसी अन्य पुरुष सदस्य का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
गृह विभाग के अनुसार, प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि जनगणना के लिए घर पर आने वाले लोकसेवकों के प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है। जनगणना के लिए मकानों की गणना का काउंटडाउन शुरू कर दिया गया है।