बिजली कंपनी ने शहर में 221 ऐसे रसूखदार या प्रभावशाली उपभोक्ता चिन्हित किए हैं, जिन पर प्रत्येक पर एक लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। बिल चुकाने के लिए कंपनी ने इनके नाम सार्वजनिक कर नोटिस भी दिए हैं, लेकिन इसके बाद भी बकाया राशि की वसूली नहीं हो सकी है। इन रसूखदार बकायेदारों में नेता और अधिकारी भी शामिल हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शहर में कुल 37,000 से अधिक बकायेदार हैं, जिन पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है। विद्युत वितरण कंपनी ने इसी अप्रैल में बड़े बकायेदारों की सूची सार्वजनिक की है और इनसे वसूली की कार्रवाई जारी है।
इन इलाकों में होती है सबसे ज्यादा बिजली चोरी
अधिकारियों के अनुसार, भोपाल के कई इलाकों में बिजली चोरी का स्तर 30 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक है। इनमें ऐशबाग जनता क्वार्टर, अशोका गार्डन, बाग फरहत हफ्जा, जहांगीराबाद, बरखेड़ी, बाग उमराव दुल्हा, चांदबड़, भानपुर, ऑरिफ नगर, डीआईजी, नारियल खेड़ा, निशातपुरा, काजी कैंप, डीआईजी बंगला, भोपाल टॉकीज, सिंधी कॉलोनी, भेल के बरखेड़ा और अन्ना नगर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।इन इलाकों में कई जगहों पर बिजली चोरी 30 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच रही है। वहीं, वसूली दर 2.80 रुपये से 4.50 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि बिजली की औसत लागत 6.50 रुपये प्रति यूनिट है।
हर साल करोड़ों का नुकसान
कंपनी के अनुसार, इन क्षेत्रों से रोजाना करीब 5 लाख रुपये की बिजली चोरी हो रही है, जो साल भर में लगभग 18.55 करोड़ रुपये का नुकसान है।चोरी रोकने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग और स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन काम की धीमी गति का फायदा उठाकर लोग खंभों में तार डालकर बिजली चोरी कर रहे हैं।
सख्ती से की जा रही वसूली
अधिकारियों ने बताया कि बिजली बिल की वसूली के लिए अप्रैल से सख्ती बढ़ा दी गई है। पहले चरण में एक लाख रुपये से अधिक बकाया वाले 221 उपभोक्ताओं से वसूली शुरू की गई है। इसके लिए एक दर्जन विजिलेंस टीमें गठित की गई हैं, जो घर-घर जाकर कार्रवाई कर रही हैं।31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में भोपाल शहर में लगभग 37 हजार बकायेदार सामने आए हैं।
बिजली चोरी रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम
बिजली विभाग ने इन इलाकों में अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम शुरू किया है, जिससे चोरी की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।
कंपनी ने एक इनाम योजना भी शुरू की है। इसके तहत बिजली चोरी की सटीक सूचना देने वाले को वसूले गए जुर्माने की राशि का 10 प्रतिशत (अधिकतम 50,000 रुपये) इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जो रियल-टाइम डेटा भेजकर बिजली चोरी पकड़ने में मदद करते हैं। इसके अलावा, कई क्षेत्रों में अंडरग्राउंड बिजली सप्लाई का काम भी चल रहा है।
बिजली चोरी और केबल चोरी रोकने के लिए प्रदेश में अलग से बिजली थाने खोलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसके पीछे कारण यह है कि कई बार संवेदनशील कार्रवाई के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं हो पाता।