भोपाल। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के भोपाल शहर वृत्त के करीबन 21 हजार अधिकारी- कर्मचारी दीवाली अपने घरों में नहीं मना सकेंगे। इनको भोपाल में दीपावली पर सतत और सुचारू ढंग से विद्युत आपूर्ति बनाए रखने की ड्यूटी लगाई गई है। इसलिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी है। कंपनी ने धनतेरस से गोवर्धन पूजा यानी 6 से 9 नवंबर तक कंट्रोल रूम समेत सभी सब- स्टेशनों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई है।
जानकारी के अनुसार आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्रवार वाहन भी आवंटित कर दिया है। कंपनी के जारी आदेश में कहा गया कि धनतेरस, रूप चौदस/छोटी दीपावली, दीपावली और गोवर्धन पूजा के दौरान उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली सेवा देने के लिए ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के साप्ताहिक अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं।
24 घंटे खुले रहेंगे बिजली उपकेंद्र
भोपाल शहर के पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और कोलार संभागों के अंतर्गत सभी उपकेंद्रों, शिकायत निवारण केंद्रों और फ्यूज ऑफ कॉल सेंटरों पर चौबीसों घंटे पाली अनुसार कर्मचारियों व ऑपरेटरों को तैनात किया गया है। सभी तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरणों जैसे डिस्चार्ज रोड, टॉर्च, टेस्टर, ग्लव्स आदि के साथ समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्रवार वाहन उपलब्ध रहेंगे। कंपनी ने त्यौहार के दौरान किसी भी तरह के फॉल्ट या ब्रेकडाउन की स्थिति में त्वरित सुधार के लिए जोन स्तर पर मेंटेनेंस टीमों और वाहनों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
इनका कहना है...
धनतेरस से गोवर्धन पूजा तक पूरे राजधानी के बिजली उपभोक्ताओं को आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए और सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने नियत स्थान पर मुस्तैदी से कार्य संपादित करने को कहा गया है। इस दौरान सभी अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई है। यह एस्मा सभी के लिए लागू रहेगा। प्रदीप सिंह चौहान, अधीक्षण यंत्री, मप्र विद्युत वितरण कंपनी शहर वृत्त भोपाल)
भोपाल में 21 हजार कर्मचारी- अधिकारी कार्यरत
बिजली वितरण कंपनी के भोपाल में लगभग 30 हजार कर्मचारी कार्यरत है। राजधानी में लगभग 21,574 आउटसोर्स कर्मचारी विभिन्न कार्य जैसे लाइनमैन, केबल ऑपरेटर और अन्य फील्ड सेवाएं) संभालते हैं। वही पूरे मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में लगभग 6,000 से 7,500 संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में है। भोपाल क्षेत्र के अंतर्गत प्रशासनिक कार्यों के लिए 9 सर्किल, 29 डिवीजन और 203 वितरण केंद्र आते हैं, जहां नियमित अधिकारी, महाप्रबंधक, उप-महाप्रबंधक और अन्य तकनीकी/प्रशासनिक कर्मचारी सेवाएं देते हैं।