भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक होटल से शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक तनाव का बड़ा मुद्दा बन गया है। मुस्लिम युवक के साथ मारपीट और कथित धार्मिक टिप्पणी के आरोपों के बाद पुराने भोपाल में देर रात तक प्रदर्शन होते रहे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन ने पुराने शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी है।
घटना के बाद दोनों पक्षों के दावे और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं। इसी बीच पुलिस ने कई आरोपियों को चिन्हित कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
होटल में युवक-युवती मिलने के बाद शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला 9 मई की रात गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के गौतम नगर स्थित एक होटल का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक कुछ हिंदू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक के होटल में होने की सूचना मिली थी। इसके बाद कार्यकर्ता होटल पहुंचे और हंगामा शुरू हो गया। आरोप है कि युवक के साथ मारपीट की गई, उसके चेहरे पर स्याही और गोबर लगाया गया और उसे सड़क पर घुमाया गया। साथ ही धर्म विशेष को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने के आरोप भी लगे हैं। घटना के वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से फैल गया और शहर में तनाव बढ़ने लगा।
युवती ने पुलिस को क्या बताया
पुलिस पूछताछ में युवती ने कहा कि वह पिछले करीब पांच साल से युवक आरिफ खान के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है। उसने साफ कहा कि वह युवक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहती। युवती के मुताबिक दोनों होटल में इसलिए मिले थे क्योंकि जहां वह रह रही है, वहां बाहरी लोगों के आने की अनुमति नहीं है। उसने यह भी कहा कि उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती नहीं हुई। यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई। एक पक्ष इसे निजी जीवन में दखल बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष मामले को सांस्कृतिक और धार्मिक नजरिए से देख रहा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बिगड़े हालात
घटना के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग ताजुल मस्जिद, पीरगेट और इमामीगेट इलाके में जमा हुए। शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, विधायक आरिफ मसूद और विधायक अतीक अकील ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई की मांग की। रात तक प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई धीमी कर रही है। भीड़ ने आरोपियों पर NSA लगाने, गिरफ्तारी के बाद जुलूस निकालने और बुल्डोजर कार्रवाई की मांग की।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की और हल्का बल प्रयोग किया। मोती मस्जिद इलाके में पुलिस पर पथराव की सूचना भी सामने आई, जिसमें एक पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हालात काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
पुलिस ने कई आरोपियों को किया चिन्हित
भोपाल पुलिस ने धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में गोविंदपुरा थाने में BNS की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया है। बाद में धारा 191(2) और 3(5) भी जोड़ी गईं। पुलिस ने वीडियो फुटेज और गवाहों के आधार पर रोहित सिंह, बृजेंद्र प्रजापति, जीतू कुशवाह, रंजीत सूर्यवंशी और लाला राम मीणा को चिन्हित किया है। इनमें एक आरोपी नाबालिग बताया गया है, जिसे बाल संप्रेषण गृह भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस के मुताबिक दो लोगों को अभिरक्षा में लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
पुराने भोपाल में सुरक्षा बढ़ी, पुलिस अलर्ट पर
घटना के बाद पुराने शहर के कई इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को फैलने से रोका जा सके। शाहजहांनाबाद संभाग के एसीपी अनिल वाजपेयी के अनुसार, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन लगातार सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रख रहा है, क्योंकि वायरल वीडियो और पोस्ट्स की वजह से माहौल और भड़कने की आशंका बनी हुई है।