मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गर्मी बढ़ते ही पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर की झुग्गी बस्तियों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जहां लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें अब टैंकरों पर निर्भर हो गई हैं।
टैंकरों पर टिकी रोजमर्रा की जरूरत
शहर की कई झुग्गी बस्तियों में सुबह से ही पानी के टैंकरों के पास महिलाओं और बच्चों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। यही स्थिति शाम के समय भी बनी रहती है। नगर निगम द्वारा इन इलाकों में फिलहाल करीब 72 टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा समस्या
आरिफ नगर, बापू नगर, कमला नगर और कोलार के कई हिस्सों में पेयजल संकट ज्यादा गहरा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नल तो लगे हैं, लेकिन उनमें नियमित रूप से पानी नहीं आता, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
एक दिन छोड़कर हो रही सप्लाई
नगर निगम के अनुसार, जिन इलाकों में पानी की कमी ज्यादा है, वहां टैंकर एक दिन छोड़कर भेजे जा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि सप्लाई का समय भी कम कर दिया गया है, जिससे पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।
भू-जल स्तर में गिरावट बना बड़ा कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में भू-जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। इसके चलते हैंडपंप और निजी बोरवेल भी पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने निजी ट्यूबवेल से पानी निकालने पर भी प्रतिबंध लगा रखा है।
निगम का दावा- जरूरत के अनुसार पहुंचा रहे पानी
नगर निगम के जलकार्य विभाग के प्रभारी के मुताबिक, जहां भी जरूरत पड़ रही है, वहां टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है और लोगों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।