MP Govt Departments Owe Rs 2123 Crore Power Dues

बिजली कंपनियों की वसूली सिर्फ नोटिसों में अटकी, 16 सरकारी विभागों पर 2123 करोड़ का बकाया 

मध्यप्रदेश की तीन बिजली वितरण कंपनियां सरकारी विभागों से 2123 करोड़ रुपए का बकाया वसूलने में असमर्थ हैं, जिससे उनके वित्तीय संकट गहराते जा रहे हैं।

By : स्वदेश डेस्क
बिजली कंपनियों की वसूली सिर्फ नोटिसों में अटकी, 16 सरकारी विभागों पर 2123 करोड़ का बकाया 

प्रदेश की तीन बिजली कंपनियों की 16 से अधिक सरकारी विभागों पर 2123 करोड़ रुपए की बकाया राशि है, जिसे कंपनियां वसूल नहीं कर पा रही हैं। कार्रवाई के नाम पर तीनों कंपनियां इन विभागों को केवल नोटिस पर नोटिस भेजकर औपचारिकता निभा रही हैं।अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में कार्यरत तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के पास लगभग 2.98 लाख सरकारी बिजली कनेक्शन हैं। यदि कंपनियां इन विभागों से बकाया राशि वसूल लें, तो उनका घाटा काफी हद तक कम हो सकता है।

ये बकाया राशि पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से लंबित है। कई प्रयासों के बावजूद कंपनियां इन विभागों से मुश्किल से 35 से 40 प्रतिशत बकाया राशि ही वसूल कर पाती हैं। शेष राशि नहीं मिलने से बिजली वितरण कंपनियों पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। फिलहाल कंपनियां बिल वसूली के लिए जल्द ही सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं।गौरतलब है कि हर साल कंपनियां घाटे का हवाला देकर उपभोक्ताओं पर बिजली दरों में वृद्धि करती हैं। साथ ही, मनमाने बिल भेजकर उपभोक्ताओं पर आर्थिक भार भी बढ़ाया जा रहा है।

तीन कंपनियां, 2.98 लाख कनेक्शन

मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में बिजली वितरण की तीन कंपनियां पूर्व, मध्य और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यरत हैं। इनके पास प्रदेश में लगभग 2 लाख 98 हजार 253 सरकारी बिजली कनेक्शन हैं। ये कनेक्शन सरकारी विभागों के कार्यालयों, आवासों तथा जनता से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए उपयोग किए जाते हैं।

इन कनेक्शनों पर कुल 2123 करोड़ रुपए का बकाया बिल है, जिसे वसूलने में कंपनियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि अधिकारी हर माह संबंधित विभागों को केवल नोटिस भेजकर औपचारिकता पूरी कर देते हैं, लेकिन किसी अधिकारी के पास इतनी हिम्मत नहीं है कि वह इन सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शन काट सके।

फैक्ट फाइल

  1. कुल सरकारी कनेक्शन – 2,98,253

  2. कुल बकाया राशि – 2123.9 करोड़ रुपए

  3. सबसे अधिक बकाया पश्चिम क्षेत्र का – 820.4 करोड़ रुपए

  4. 100 करोड़ रुपए से अधिक बकाया वाले तीन विभाग – पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास तथा नर्मदा घाटी विकास विभाग। इन विभागों से 1674.3 करोड़ रुपए, यानी कुल बकाया का लगभग 79 प्रतिशत वसूलना है।

इन प्रमुख विभागों की यह है स्थिति

विभाग

कनेक्शन संख्या

बकाया राशि (करोड़ रुपए)

पंचायत एवं ग्रामीण विकास

86,593

1230.5

नगरीय विकास एवं आवास

41,424

265.1

नर्मदा घाटी विकास

664

187.5

महिला एवं बाल विकास

42,887

88.8

स्कूल शिक्षा विभाग

57,652

84.8

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

8,026

43.3

अन्य विभाग

—

235

क्षेत्रवार कंपनियों की बकाया स्थिति

क्षेत्र

कनेक्शन

बकाया राशि (करोड़ रुपए)

पूर्व

1,30,347

687.1

मध्य

69,893

616.4

पश्चिम

98,013

820.4

ये हैं बड़े बकायादार

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिन सरकारी विभागों से कंपनियों को करोड़ों रुपए वसूलने हैं, उनमें सबसे बड़ा बकायादार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग है, जिस पर 1230 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है।इसके बाद नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग पर 265.10 करोड़ रुपए, नर्मदा घाटी विकास विभाग पर 187.5 करोड़ रुपए, महिला एवं बाल विकास विभाग पर 88.8 करोड़ रुपए, स्कूल शिक्षा विभाग पर 84.8 करोड़ रुपए तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पर 43.3 करोड़ रुपए का बकाया है।इसके अलावा अन्य सरकारी विभागों पर लगभग 235 करोड़ रुपए का बकाया शामिल है। इस प्रकार प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों का लगभग 16 प्रमुख विभागों पर भारी बकाया लंबित है।एक ओर कंपनियां बकाया बिल नहीं चुकाने वाले आम उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर वसूली कार्रवाई करती हैं, वहीं सरकारी विभागों से बकाया वसूली के मामले में असहाय नजर आती हैं।

सभी विभाग प्रमुखों को दिए गए निर्देश

विभागों की समय-समय पर होने वाली समीक्षा बैठकों में बिजली बिलों के भुगतान को लेकर सभी बकायादार विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं। पंचायत एवं नगरीय विकास विभाग में पेयजल आपूर्ति से संबंधित कनेक्शनों का सबसे अधिक बकाया है। नोटिस जारी किए जाने के बाद विभाग धीरे-धीरे राशि का भुगतान कर रहे हैं।

-नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग, भोपाल

बकाया राशि की वसूली के लिए तीनों बिजली कंपनियों ने अब आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

 

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