CAIT Bhopal Protests against UPI MDR Charge

Bhopal Vyapari Protest: MDR में कहां है Discount, व्यापारियों का सवाल- इसे MTR क्यों न कहा जाए?

भोपाल में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के व्यापारियों ने यूपीआई पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के विरोध में No UPI Day मनाया। दुकानों पर 60 सेकंड का सांकेतिक Blackout कर विरोध जताया।

By : संजय चतुर्वेदी
Bhopal Vyapari Protest: MDR में कहां है Discount, व्यापारियों का सवाल- इसे MTR क्यों न कहा जाए?

Bhopal Traders Protest Against UPI MDR

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को व्यापारियों ने यूपीआई एमडीआर के खिलाफ अनोखे अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर की। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यानी CAIT की भोपाल इकाई ने UPI पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंड रेट यानी MDR के खिलाफ No UPI Day मनाया। शहर के व्यापारियों ने अपनी दुकानों पर लगे UPI QR कोड को कुछ सेकंड के लिए ढंककर यह जताया कि उनकी नाराजगी UPI से नहीं बल्कि इस पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क से है।

नाम को लेकर उठाया व्यंग्यात्मक सवाल

CAIT भोपाल के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने इस मौके पर दिलचस्प तर्क रखा। उन्होंने कहा कि MDR का मतलब होता है मर्चेंट डिस्काउंट रेट। लेकिन असल में व्यापारियों को इसमें कोई डिस्काउंट नजर नहीं आता, उल्टा जेब से पैसा जाता है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में सुझाव दिया कि अगर व्यापारी से शुल्क वसूला ही जाना है तो इसका नाम बदलकर MTR यानी Merchant Tax Rate रख देना चाहिए। शर्मा ने साफ किया कि व्यापारियों का विरोध UPI सेवा से नहीं बल्कि उस पर लगने वाली अतिरिक्त लागत से है।

15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से 2000 रुपए से अधिक के पर्सन टू मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत की दर से MDR लागू होने जा रहा है। वहीं, 75 हजार रुपए या उससे बड़े लेनदेन पर अधिकतम शुल्क 300 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन तय किया गया है। हालांकि सरकार की ओर से इसे टैक्स नहीं बल्कि भुगतान इकोसिस्टम के भागीदारों के बीच बंटने वाला शुल्क बताया गया है।

व्यापारी बोले, UPI बंद नहीं चाहते

धर्मेंद्र शर्मा ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया कि व्यापारी खुद UPI के बड़े इस्तेमालकर्ता हैं और डिजिटल इंडिया की इस उपलब्धि को कमजोर करने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। उनका कहना था कि मांग सीधी है, UPI चलता रहे, डिजिटल इंडिया आगे बढ़े, लेकिन इसका बोझ व्यापारियों की जेब पर नहीं डाला जाए।

आगे बढ़ सकता है विरोध का दायरा

फिलहाल यह विरोध सिर्फ 60 सेकंड के सांकेतिक Blackout तक सीमित रहा, लेकिन CAIT ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक फैसला नहीं आया तो आंदोलन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर यह विरोध 60 घंटे और आगे चलकर 60 दिनों तक भी खींचा जा सकता है। CAIT का कहना है कि उनका मकसद डिजिटल भुगतान व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि व्यापारियों के लिए एक निष्पक्ष और टिकाऊ व्यवस्था बनवाना है। इस मौके पर संदीप गोधा, कपिल करोटिया, सतेंद्र धियानी सहित भोपाल के कई व्यापारी प्रतिनिधि और CAIT पदाधिकारी मौजूद रहे।

संबंधित सामग्री

Mahadev App Big News: सौरभ के बाद रवि उप्पल यूएई में गिरफ्तार, महादेव ऐप केस में भारत लाने की तैयारी

Mahadev App Big News: सौरभ के बाद रवि उप्पल यूएई में गिरफ्तार, महादेव ऐप केस में भारत लाने की तैयारी

महादेव ऐप के सह संस्थापक रवि उप्पल को यूएई में गिरफ्तार किया गया है। सौरभ चंद्राकर के बाद अब उसे भी भारत लाने की तैयारी है। एजेंसियां प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में जुटी हैं।

Nov 04, 2026
Bhopal Former IPS Murder: आईएएस ब्रांड है इसलिए मारा, पूर्व IAS के हत्यारे वरुण ने पुलिस को बताई वजह

Bhopal Former IPS Murder: आईएएस ब्रांड है इसलिए मारा, पूर्व IAS के हत्यारे वरुण ने पुलिस को बताई वजह

पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या के आरोपी वरुण कुमार ने पुलिस पूछताछ में बेखौफ बयान दिए हैं। उसने कहा कि आईएएस ब्रांड है, इसलिए मार दिया।

Nov 04, 2026
Women Premier League:  का पांचवां सीजन 14 जनवरी से, पहली टक्कर RCB और MI की, फाइनल 7 फरवरी को

Women Premier League: का पांचवां सीजन 14 जनवरी से, पहली टक्कर RCB और MI की, फाइनल 7 फरवरी को

विमेंस प्रीमियर लीग का पहला मुकाबला 14 जनवरी को वडोदरा में RCB और मुंबई इंडियंस के बीच खेला जाएगा। 5 टीमें 22 मैच खेलेंगी और फाइनल 7 फरवरी को होगा।

Nov 04, 2026
MP Police IPS Reshuffle: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में 8 IPS के प्रभार बदले, अवधेश गोस्वामी PSO से DGP बने

MP Police IPS Reshuffle: मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में 8 IPS के प्रभार बदले, अवधेश गोस्वामी PSO से DGP बने

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में 8 आईपीएस अफसरों के प्रभार बदले गए हैं। अवधेश गोस्वामी को पीएसओ से डीजीपी और विनीत कपूर को साइबर की जिम्मेदारी मिली है।

Nov 04, 2026
Twisha Sharma Case: त्विषा शर्मा मौत केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत खारिज, HC ने बताए ये आधार

Twisha Sharma Case: त्विषा शर्मा मौत केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत खारिज, HC ने बताए ये आधार

त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने चैट और सीसीटीवी फुटेज को अहम माना।

Nov 04, 2026