कवर्धा। छत्तीसगढ़ के बोड़ला ब्लॉक के बैगा बहुल गांव नंदिनी कुमान में चार महीनों के भीतर पांच बच्चों की मौत ने सबको चिंता में डाल दिया है। गांव के 17 बीमार बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। मौतों की असल वजह की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीण किसी अज्ञात बीमारी की आशंका जता रहे हैं।
17 बच्चे अस्पताल में दो की हालत गंभीर
गांव के 17 बच्चों को इलाज के लिए बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। इनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कुछ बच्चे पोषण पुनर्वास केंद्र में भी भर्ती हैं। बच्चों की कमजोर सेहत और कुपोषण की बात भी सामने आई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में
बच्चों की मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल कल्याण विभाग की टीमें गांव पहुंचीं। टीमों ने बच्चों की जांच की है। साथ ही ब्लड सैंपल कलेक्ट किएऔर टीकाकरण किया। घर-घर सर्वे भी हो रहा है। प्रशासन प्रभावित परिवारों से जानकारी जुटा रहा है। सवाल यह भी है कि बच्चों की बीमारी का पता समय रहते क्यों नहीं चल पाया।
कांग्रेस ने मोहला मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी की अगुवाई में सात सदस्यीय जांच दल बनाया। दल ने अस्पताल में बच्चों और परिजनों से बात की, फिर गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मिला। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं, नियमित जांच और इलाज की दिक्कतें गिनाईं।
अब रिपोर्ट पर नजर
फिलहाल मौत के कारणों पर अंतिम मेडिकल निष्कर्ष आना बाकी है। बीमार बच्चों की नियमित निगरानी और परिवारों को मदद जरूरी है। ताकि किसी और बच्चें की हालात बिगड़ने से पहले इलाज मिल सके।