रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रक्रिया संबंधी सख्ती के बाद राज्य सरकार पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार, इस पद के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता के नामों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि वर्तमान में प्रभारी DGP अरुणदेव गौतम को इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
UPSC ने मांगा था जवाब
UPSC ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा था कि अब तक पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के 3 जुलाई 2018 के आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी राज्य में ‘प्रभारी DGP’ की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। इस निर्देश के बाद आयोग ने राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आई है।
पैनल में दो वरिष्ठ IPS अधिकारी
13 मई 2025 को UPSC ने राज्य सरकार को दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था। इनमें शामिल हैं
- अरुणदेव गौतम (1992 बैच)
- हिमांशु गुप्ता (1994 बैच)
आमतौर पर तीन नामों का पैनल भेजा जाता है, लेकिन इस बार केवल दो नाम ही शामिल किए गए।
पहले से प्रभारी DGP के रूप में जिम्मेदारी
पूर्व DGP अशोक जुनेजा के 4 फरवरी 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद सरकार ने अरुणदेव गौतम को प्रभारी DGP नियुक्त किया था। तब से वे पुलिस प्रशासन की कमान संभाल रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का प्रभाव
सुप्रीम कोर्ट के ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार’ मामले में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि राज्यों में DGP की नियुक्ति तय प्रक्रिया और निश्चित कार्यकाल के आधार पर होनी चाहिए। अदालत ने हाल ही में हुई सुनवाई में यह भी कहा था कि नियुक्ति में देरी होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसी दबाव के चलते अब राज्य सरकार जल्द ही स्थायी DGP की नियुक्ति को अंतिम रूप दे सकती है।