रायपुर। छत्तीसगढ़ में टीईटी की अनिवार्यता से प्रभावित सेवारत शिक्षकों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। शिक्षक संगठनों के साथ हुई बैठक में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सेवारत शिक्षकों के लिए सामान्य TET से अलग विभागीय टीईटी कराने पर सहमति जताई है। सरकार वर्ष में तीन बार विभागीय टीईटी कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी। परीक्षा का आयोजन शिक्षा विभाग करेगा। इस फैसले से लंबे समय से TET को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
TET के साथ पदोन्नति और पेंशन पर भी चर्चा
शिक्षक संगठनों ने बैठक में टीईटी के अलावा पदोन्नति, सेवा गणना, पुरानी पेंशन और वेतन विसंगति जैसे मुद्दे भी उठाए। संगठनों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के शिक्षकों की योग्यता से जुड़े प्रावधानों के बाद वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने सेवा सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है।
न्यूनतम 33 अंक रखने का प्रस्ताव
बैठक में विभागीय TET के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 अंक रखने का प्रस्ताव रखा गया। परीक्षा के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को केंद्र बनाने का सुझाव भी दिया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। सुप्रीम कोर्ट के निर्धारित योग्यता मानकों के दायरे में सेवारत शिक्षकों को लाने के लिए विभागीय परीक्षा का विकल्प अपनाया जा सकता है।
प्रमोशन के रास्ते खोलने पर भी सहमति
बैठक में शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। डीपीसी से रिक्त पदों पर पुराने नियमों के आधार पर वेटिंग सूची से प्राचार्य पद पर प्रमोशन, ई-संवर्ग के प्रोफेसर के प्रमोशन और प्रधान पाठक एमएस/ पीएस के पदों पर वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का रास्ता निकालने पर चर्चा हुई।
ओल्ड पेंशन और विसंगति का मुद्दा उठाया
शिक्षक संगठनों ने प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पुरानी पेंशन का लाभ देने और शिक्षक एलबी संवर्ग को सभी देय लाभ देने की मांग रखी। वेतन विसंगतियाँ दूर कर केंद्रीय वेतनमान लागू करने की मांग भी की गई। इन मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री ने वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया है।
आश्वासन के बाद आंदोलन में नरमी
बैठक के बाद शिक्षक संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने सरकार के रुख को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि विभागीय TET को लेकर स्पष्ट आश्वासन मिला है और अब इसके जल्द क्रियान्वयन की उम्मीद है। सकारात्मक बातचीत के बाद मोर्च ने फिलहाल आंदोलन के आक्रामक रुख में नरमी बतरने का फैसला किया है। साथ ही सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से अपनी मांगों के समर्थन में चर्चा जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
मध्य प्रदेश की तर्ज पर परीक्षा का आश्वासन
छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी के अनुसार, बैठक में उत्तराखंड, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में TET को लेकर चल रही गतिविधियों की जानकारी शिक्षा मंत्री को दी गई। इसके बाद मंत्री ने मध्य प्रदेश की तर्ज पर परीक्षा आयोजित करने का आश्वासन दिया।