लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के शाला त्याग से मुख्यमंत्री नाराज, दिए सख्त निर्देश

लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के शाला त्याग से मुख्यमंत्री नाराज, दिए सख्त निर्देश

By : Swadesh Bhopal
लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के शाला त्याग से मुख्यमंत्री नाराज, दिए सख्त निर्देश

लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत बड़ी संख्या में छात्राओं के विद्यालय छोड़ने की खबर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नाराज हैं। उन्होंने इस पर गहन समीक्षा और सख्त निगरानी के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को अगले तीन वर्षों में कुपोषण समाप्त करने का लक्ष्य दिया गया। बैठक में सरकार के पिछले दो साल के कामकाज का लेखा-जोखा संबंधित विभागों से लिया गया।

निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री की टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होगी, तो वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उन पर कार्रवाई की जाएगी।

आंगनबाड़ियों की तीन साल की कार्ययोजना

सेंट्रल किचन के माध्यम से शहरी आंगनबाड़ियों में गर्म भोजन की नई व्यवस्था 2026 से लागू।

विजन-2047 के अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा पर बड़ा निवेश।

निपुण भारत आधारित विकास कार्ड से गुणवत्ता में सुधार।

34 लाख बालिकाओं को छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि।

लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार।

अगले तीन वर्षों में 9,000 नए आंगनबाड़ी भवन निर्माण।

HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरुकता गतिविधियां, जिसमें जेंडर, सुरक्षा और कानूनी सहायता शामिल।

12,670 केंद्र ‘सक्षम आंगनबाड़ी’ घोषित।

महिला एवं बाल विकास विभाग की उपलब्धियां

प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना: 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ से अधिक की सहायता।

लाड़ली बहना योजना (जनवरी 2024–नवंबर 2025): 36,778 करोड़ रुपए का अंतरण।

महिला हेल्पलाइन: 1.72 लाख महिलाओं को सहायता।

वन स्टॉप सेंटर: 52,095 महिलाओं को सुरक्षा।

बेटी बचाओं–बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का सुदृढ़ीकरण।

सहकारिता विभाग की समीक्षा

सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने मुख्यमंत्री को अपेक्स बैंक के लाभांश का चेक सौंपा (4 करोड़ 27 लाख 4 हजार 190 रुपए)। छह जिला सहकारी बैंकों (जबलपुर, रीवा, सतना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी) का विलय कर प्रदेश स्तर पर बड़ा सहकारी बैंक बनाने के लिए कानूनी और आर्थिक पहल शुरू।राज्य सरकार हर बैंक को 50 करोड़ रुपए की पूंजी देगी।

अन्य उपलब्धियां

1.89 लाख पौधारोपण।

6,520 ड्राइविंग लाइसेंस और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती प्रणाली।

रिक्त 19,500 पदों में से 99.48% पदों पर नियुक्ति आदेश जारी।

टेक-होम राशन (FRS) प्रक्रिया में मध्यप्रदेश को प्रथम स्थान।

स्पॉन्सरशिप योजना: 20,243 बच्चों को लाभ, मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर।

झाबुआ के मोटी आई नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार।

पीएम जनमन भवनों की डिजाइन और मॉनिटरिंग मॉड्यूल के लिए केंद्र सरकार से विशेष सराहना।

बैठक नहीं हो सकी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महिला बाल विकास, सहकारिता और स्वास्थ्य विभाग की बैठक के बाद अचानक दिल्ली रवाना हो गए। इसके कारण कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक नहीं हो सकी। उन्होंने दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पन्ना, बैतूल, कटनी और चार अन्य क्षेत्रों में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों के भूमिपूजन का निमंत्रण दिया।

संबंधित सामग्री

Gwalior Truck Accident: CM मोहन ने की घायलों से मुलाकात, दिए फ्री इलाज के निर्देश

Gwalior Truck Accident: CM मोहन ने की घायलों से मुलाकात, दिए फ्री इलाज के निर्देश

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक ट्रक हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ग्वालियर पहुंचे और जयारोग्य अस्पताल जाकर घायल...

Oct 19, 2026
कई ‘राजू’ को जेंटलमैन बनने का इंतजार...

कई ‘राजू’ को जेंटलमैन बनने का इंतजार...

शिक्षा के अधिकार के बावजूद, भारत में कई बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित हैं। बाल श्रम और परिवारिक जिम्मेदारियां इसके प्रमुख कारण हैं।

Jun 14, 2026
Education In MP: एमपी में 10 लाख से अधिक बच्चों ने छोड़ दी पढ़ाई, अब शिक्षा विभाग खोज रहा इसकी वजह

Education In MP: एमपी में 10 लाख से अधिक बच्चों ने छोड़ दी पढ़ाई, अब शिक्षा विभाग खोज रहा इसकी वजह

2020-21 में कक्षा 1 से 8 तक 1.17 करोड़ छात्र पढ़ रहे थे, अगले साल 1.15 करोड़ और 2022-23 में 1.08 करोड़ से ज़्यादा छात्र पढ़ रहे थे। दो सालों में करीब 10 लाख छात्रों ने स्कूल छोड़ा है ।

Jul 03, 2024
लगातार 7वीं बार इंदौर देश का सबसे स्‍वच्‍छ शहर, मध्यप्रदेश को मिले 6 अवॉर्ड

लगातार 7वीं बार इंदौर देश का सबसे स्‍वच्‍छ शहर, मध्यप्रदेश को मिले 6 अवॉर्ड

दिल्ली के भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर में स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। देश के स्वच्छ शहरों में मध्य प्रदेश का इंदौर 7वीं बार स्वच्छ शहरों में नंबर वन बन गया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश को 6 अवॉर्ड भी मिले हैं।

Jan 11, 2024
'मां तुझे प्रणाम' योजना दोबारा शुरू, सीएम ने कहा- 'मेरा संकल्प बेटियां सशक्त हो'

'मां तुझे प्रणाम' योजना दोबारा शुरू, सीएम ने कहा- 'मेरा संकल्प बेटियां सशक्त हो'

मेरी लाडली लक्ष्मी बेटियां डॉक्टर, इंजीनियर, अफसर, पायलट बनें, हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करें

May 02, 2022