भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को सियासी और प्रशासनिक हलचल तब दिखी। जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अचानक मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात डॉ मोहन यादव से हुई। यह बैठक औपचारिक जरूर थी, लेकिन चर्चा का केंद्र सीधे तौर पर किसानों की समस्याएं रहीं। खासकर गेहूं खरीदी को लेकर सामने आ रही दिक्कतों पर विस्तार से बात हुई। मुलाकात में एक तरफ प्रशासनिक मुद्दे उठे, तो दूसरी तरफ राजनीतिक और सामाजिक संकेत भी साफ नजर आए।
गेहूं उपार्जन में दिक्कतों का मुद्दा उठा
दिग्विजय सिंह ने किसानों की परेशानियों को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि कई इलाकों में स्लॉट बुकिंग में देरी हो रही है और खरीद केंद्रों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। किसानों को समय पर अपनी उपज बेचने में दिक्कत आ रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है। यह मुद्दा ऐसे समय पर उठा है जब प्रदेश में बड़े पैमाने पर गेहूं खरीदी का काम चल रहा है।
सरकार का दावा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भरोसा दिलाया कि सरकार इस पूरी प्रक्रिया को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने कहा कि अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं के लिए स्लॉट बुक हो चुके हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे खुद इस सिस्टम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी न हो। सरकार का फोकस इस बात पर है कि किसानों को बिना परेशानी के उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके।
मुलाकात में सियासत के साथ धार्मिक रंग
इस बैठक का एक दूसरा पहलू भी सामने आया। दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने गृह क्षेत्र राघौगढ़ के ग्राम भैंसाना में होने वाले 151 कुंडीय “श्रीराम महायज्ञ” में शामिल होने का निमंत्रण दिया। यह आयोजन 18 से 28 मई के बीच प्रस्तावित है, जिसमें उनका परिवार संरक्षक की भूमिका में रहेगा। इस निमंत्रण को सियासी मुलाकात के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव के रूप में भी देखा जा रहा है।
सियासी संकेत और सार्वजनिक असर
इस मुलाकात को सिर्फ शिष्टाचार नहीं माना जा रहा। किसानों के मुद्दों पर विपक्ष का सीधे मुख्यमंत्री से संवाद करना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। एक तरफ इससे किसानों की समस्याएं सरकार तक पहुंचती हैं, वहीं दूसरी तरफ यह सरकार की जवाबदेही भी तय करता है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस बैठक को साझा करते हुए बताया कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और मुख्य फोकस गेहूं उपार्जन की व्यवस्था पर रहा।