पेयजल में गंदगी : 4 केमिस्ट के भरोसे 15 प्लांट, ड्राइवर ले रहा है सैंपल

पेयजल में गंदगी : 4 केमिस्ट के भरोसे 15 प्लांट, ड्राइवर ले रहा है सैंपल

By : Swadesh Bhopal
पेयजल में गंदगी : 4 केमिस्ट के भरोसे 15 प्लांट, ड्राइवर ले रहा है सैंपल

पानी की सैंपलिंग पर महापौर खुद अनजान

इंदौर में दूषित पानी से हुई गंभीर घटना के बाद पूरे प्रदेश में सतर्कता बरती जा रही है, वहीं राजधानी भोपाल में पेयजल की जांच और सैंपलिंग व्यवस्था को लेकर नगर निगम की सुस्ती सामने आ रही है।

हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में महापौर मालती राय खुद भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही हैं। शहर के 15 वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से लगभग 30 लाख लोगों को पानी सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन इस पूरे सिस्टम की गुणवत्ता जांच केवल चार केमिस्टों के भरोसे चल रही है। विशेषज्ञ इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ मान रहे हैं।

तकनीकी स्टाफ की कमी

भोपाल नगर निगम में लंबे समय से तकनीकी स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि नियमित और संवेदनशील सैंपलिंग जैसे कामों के लिए प्रशिक्षित तकनीकी कर्मियों की बजाय निगम के ड्राइवर को लगाया गया है। आरोप है कि शहर के अलग-अलग इलाकों से पानी के सैंपल ड्राइवर द्वारा इकट्ठा किए जा रहे हैं, जो नियमों और मानकों के विपरीत है।

महापौर मालती राय ने कहा कि उन्हें इस संबंध में पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिकारियों से जानकारी लेकर बताया जाएगा कि कितने सैंपल की जांच हो रही है और कितने केमिस्ट कार्यरत हैं।

जानकारी के अनुसार, निगम के ड्राइवर पंकज जांगड़े द्वारा कई इलाकों से पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। बुधवार को भी टीटी नगर सहित अन्य क्षेत्रों से सैंपल लिए गए। जबकि नियमों के मुताबिक, सैंपलिंग एक तकनीकी प्रक्रिया है, जिसमें थोड़ी भी लापरवाही रिपोर्ट को प्रभावित कर सकती है।

इंदौर के भागीरथपुरा में प्रदूषित जल से हुई मौतों के बाद भोपाल में भी खतरा मंडरा रहा है। इस मामले में स्वदेश में शुक्रवार को खबर छपने के बाद नगर निगम के विपक्षी नेता सक्रिय हो गए हैं।ऐसी खबरें सुर्खियों में आने के बाद नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने शुक्रवार को आयुक्त संस्कृति जैन को पत्र लिखकर सीवेज चेंबर और नालियों के बीच से निकले पानी की जांच कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर निगम की लापरवाही से पुराने भोपाल के अधिकतर इलाकों में प्रदूषित जल की सप्लाई जारी है। अब इन पाइपलाइनों को हटाकर अलग से लाइनें बिछाने की मांग की जा रही है।

कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 14 मौतें और 1500 से अधिक लोग बीमार हुए, 162 को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। यह हादसा सीधी लापरवाही का परिणाम है, यह बात भोपाल युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित खत्री ने कही. कांग्रेस ने शुक्रवार को राजधानी में प्रदर्शन करते हुए इंदौर नगर निगम और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदार ठहराया। प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने छोटे तालाब के गंदे पानी में नाव पर बैठकर घंटे के पुतले को पानी में डुबोकर धोने की अनूठी कार्रवाई की.श्यामला हिल्स और गंगा नगर में पिछले कुछ दिनों से नलों से जो पानी आ रहा है, वह बेहद गंदा, बदबूदार और सीवेज मिला हुआ है। नेता प्रतिपक्ष जकी ने तुरंत पाइपलाइनों की जांच कराने की मांग की है।

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