यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर प्लेटफॉर्म पर मिलेगा रियल-टाइम अलर्ट
रेलवे सफर में जल्दबाजी, प्लेटफॉर्म पर सामान लेने उतर जाना और फिर ट्रेन छूट जाने या चलती ट्रेन पकड़ने की मजबूरी अब यह तस्वीर ग्वालियर स्टेशन पर बदलने जा रही है।यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर एक नया डिपार्चर अलर्ट सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जो ट्रेन के रवाना होने से ठीक पहले जोरदार और स्पष्ट अनाउंसमेंट करेगा।
झांसी स्टेशन मॉडल पर तैयार हो रहा सिस्टम
झांसी स्टेशन की तर्ज पर तैयार किया जा रहा यह आधुनिक सिस्टम जैसे ही एक्टिव होगा, प्लेटफॉर्म पर “ट्रेन तैयार है, रवाना होने के लिए” जैसा अलर्ट गूंज उठेगा। इसके बाद यात्रियों को साफ संदेश मिल जाएगा कि अब देर करने की कोई गुंजाइश नहीं है। रेलवे का मानना है कि यही छोटा-सा बदलाव यात्रियों की बड़ी परेशानियों और हादसों पर रोक लगाने में अहम साबित होगा।
हर प्लेटफॉर्म पर नजर, हर ट्रेन का अलर्ट
अक्सर देखा जाता है कि लंबी दूरी की ट्रेनों के स्टॉपेज पर यात्री प्लेटफॉर्म से उतरकर चाय-पानी या सामान लेने चले जाते हैं। कुछ ही मिनटों में ट्रेन चल देती है और फिर शुरू होता है प्लेटफॉर्म पर दौड़ने का वही पुराना दृश्य—कोई ट्रेन पकड़ने की कोशिश में दौड़ता है तो कोई छूट चुकी सीट को देखकर परेशान खड़ा रह जाता है। कई बार यही लापरवाही हादसे का कारण भी बन जाती है। नई व्यवस्था के तहत ग्वालियर स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म पर आने-जाने वाली ट्रेनों का पूरा डेटा सिस्टम में फीड रहेगा। जैसे ही किसी ट्रेन के रवाना होने का समय आएगा, संबंधित प्लेटफॉर्म पर उसका नाम और डिपार्चर अलर्ट तुरंत प्रसारित किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्री पहले से सतर्क हो जाएंगे और बिना वजह प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर नहीं जाएंगे। रेलवे का दावा है कि इससे न सिर्फ ट्रेन पकड़ने की हड़बड़ी कम होगी, बल्कि प्लेटफॉर्म पर होने वाली भीड़ और अव्यवस्था में भी सुधार आएगा।
पहले की घटनाएं बनीं चेतावनी
रेलवे के रिकॉर्ड में ऐसे कई मामले दर्ज हैं, जिन्होंने इस सिस्टम की जरूरत को और बढ़ा दिया है। मुंबई राजधानी एक्सप्रेस में एक बार डॉक्टर और डिप्टी एसएस मरीज की जांच में लगे रहे और इसी दौरान ट्रेन चल दी, जिससे दोनों कर्मचारी झांसी तक पहुंच गए। इसी तरह अप्रैल में एक यात्री पानी लेने उतरा और ट्रेन के चलने पर भागते समय हादसे का शिकार हो गया। वहीं वंदे भारत जैसी ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाजे ट्रेन चलने के साथ ही बंद हो जाते हैं, जिससे कई यात्री उतरने-चढ़ने में असमर्थ रह जाते हैं।
आखिरी मिनट की भागदौड़ खत्म होगी
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह डिपार्चर अलर्ट सिस्टम यात्रियों के लिए एक सेफ्टी गार्ड की तरह काम करेगा। इससे आखिरी मिनट की भागदौड़ खत्म होगी और लोग अधिक अनुशासित तरीके से यात्रा कर सकेंगे।