Bhopal Intern Doctors Protest: राजधानी भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर कमला पार्क चौराहे पर डटे एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार रात पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के विरोध में डॉक्टरों का आक्रोश और भड़क गया है। अब इस आंदोलन को सीनियर डॉक्टरों और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का भी समर्थन मिल गया है, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बड़ा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
OPD बहिष्कार, इमरजेंसी सेवाएं चालू
आंदोलन के तीसरे दिन स्थिति तब और गंभीर हो गई जब गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों ने इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान कर दिया। हालांकि मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इमरजेंसी सेवाएं और ट्रॉमा केयर चालू रखी गई हैं। आज मध्य प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर काली पट्टी बांधकर काम करेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
डॉक्टरों की मांग
आंदोलन कर रहे एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि मासिक स्टाइपेंड को 14,377 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने पर सरकार तुरंत आदेश जारी करे। बीते सोमवार की रात प्रदर्शनकारी डॉक्टरों पर हुए बल प्रयोग और लाठीचार्ज के दोषियों पर जवाबदेही तय की जाए।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
कमला पार्क चौराहे पर धरने पर बैठे डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि जब तक राज्य सरकार उनकी जायज मांगों पर कोई ठोस और संवेदनशील फैसला नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा।