मानसून के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली हानि को रोकने के लिए जबलपुर के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन विद्यार्थियों ने एक ऐसी स्वदेशी डिवाइस बनाई है, जो आकाशीय बिजली गिरने का सटीक स्थान तत्काल बता देती है। इतना ही नहीं, यह डिवाइस आकाशीय बिजली गिरने से कुछ समय पहले ही इसकी सूचना देकर लोगों को सतर्क भी कर देगी।
शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रिकल ब्रांच के अंतिम वर्ष के तीन विद्यार्थियों सुब्रतो मालवीय, अवनी पंडित एवं शुभांशु पाण्डे ने इंटर्नशिप के दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के वैज्ञानिक और ईसीएसए के प्रमुख आलोक टावरी के मार्गदर्शन में आकाशीय बिजली की पूर्व सूचना देने वाली डिवाइस तैयार की है। इसे जल्द ही पेटेंट के लिए भेजा जाएगा, साथ ही इस पर रिसर्च पेपर भी तैयार किए जा रहे हैं।
अभी कनाडा से खरीदनी पड़ती है डिवाइस
टीम के सदस्य सुब्रतो मालवीय ने बताया कि वर्तमान में भारत में आकाशीय बिजली की पूर्व सूचना देने वाली डिवाइस कनाडा से खरीदी जाती है, जिसकी कीमत लगभग 14 लाख रुपये है। उनका प्रयास है कि यह डिवाइस भारत में ही कम लागत में तैयार हो। इसके लिए पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है।उन्होंने बताया कि अभी एक डिवाइस बनाई गई है, जो परीक्षण में सफल रही है। अब तीन और डिवाइस तैयार की जाएंगी।
सॉफ्टवेयर भी किया तैयार
सुब्रतो मालवीय, अवनी पंडित एवं शुभांशु पाण्डे ने बताया कि उन्होंने इस सेंसर के लिए सॉफ्टवेयर भी तैयार किया है। जब यह डिवाइस पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तो यह बड़ी सफलता साबित होगी, क्योंकि अभी तक देश में इस तरह की डिवाइस विकसित नहीं की जा सकी है। इस डिवाइस के बनने से स्वदेशी तकनीक को भी बढ़ावा मिलेगा।
ऐसे मिला अवसर
सुब्रतो ने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रिकल ब्रांच विभाग में कनाडा से मंगाई गई डिवाइस रखी हुई थी। उन्होंने विभागाध्यक्ष (HOD) को इस संबंध में जानकारी दी और एक प्रस्ताव तैयार कर एनआरएससी को भेजा। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद इसरो वैज्ञानिक आलोक टावरी के मार्गदर्शन में इस डिवाइस को तैयार किया गया।