कान्हा टाइगर रिजर्व में नियम सख्त, कोर पर्यटन क्षेत्र में अब मोबाइल ले जाना मना

कान्हा टाइगर रिजर्व में नियम सख्त, कोर पर्यटन क्षेत्र में अब मोबाइल ले जाना मना

By : स्वदेश डेस्क
कान्हा टाइगर रिजर्व में नियम सख्त, कोर पर्यटन क्षेत्र में अब मोबाइल ले जाना मना

मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र स्थित पर्यटन जोनों में अब मोबाइल फोन ले जाना और उसका उपयोग करना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह निर्णय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के 17 नवंबर 2025 के निर्णय के अनुपालन में तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

इन क्षेत्रों में प्रतिबंध लागू

कान्हा प्रबंधन से गुरुवार को मिली जानकारी के अनुसार किसली, कान्हा, मुक्की, सरही, फेन अभ्यारण्य सहित खापा, सिझौरा और खटिया प्रवेश द्वारों पर इस संबंध में स्पष्ट नोटिस चस्पा किए जाएंगे।

सभी पर लागू नियम

आदेश में कहा गया है कि टाइगर रिजर्व के कोर हैबिटेट स्थित पर्यटन जोनों में मोबाइल फोन का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इस प्रतिबंध की जानकारी समस्त पर्यटकों, गाइडों, वाहन चालकों, जिप्सी एवं गाइड एसोसिएशन को दे दी गई है। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग का मानना है कि यह कदम वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरणीय शांति और टाइगर रिजर्व की संवेदनशीलता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

संबंधित सामग्री

कान्हा में बाघों पर वायरस का खतरा! 8 टाइगरों की मौत के बाद अलर्ट, गांव-गांव कुत्तों का वैक्सीनेशन शुरू

कान्हा में बाघों पर वायरस का खतरा! 8 टाइगरों की मौत के बाद अलर्ट, गांव-गांव कुत्तों का वैक्सीनेशन शुरू

कान्हा टाइगर रिजर्व में सीडीवी वायरस से 8 बाघों की मृत्यु के बाद, वन विभाग ने गांव-गांव कुत्तों के वैक्सीनेशन का अभियान तेज किया।

Jun 25, 2026
30 जून से बंद हो जाएंगे टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क, सफारी प्रेमियों के पास बचा आखिरी मौका

30 जून से बंद हो जाएंगे टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क, सफारी प्रेमियों के पास बचा आखिरी मौका

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़, कान्हा, पेंच समेत प्रमुख टाइगर रिजर्व 30 जून से 30 सितंबर तक बंद रहेंगे। जानिए सफारी बंद होने की वजह और कब फिर खुलेंगे पार्क।

Jun 18, 2026
ठिकाने की जंग में ढेर हो रहे बाघ जंगल घटे तो बढ़ा आपसी संघर्ष

ठिकाने की जंग में ढेर हो रहे बाघ जंगल घटे तो बढ़ा आपसी संघर्ष

मध्यप्रदेश में 2014 से 2025 के बीच 192 बाघों की मौत हुई। 30 प्रतिशत मौतें आपसी संघर्ष में हुईं। बढ़ती संख्या और घटते जंगल क्षेत्र के कारण बाघों में टकराव बढ़ रहा है।

Apr 25, 2026
टाइगर स्टेट में टाइगर पर संकट: 54 मौतों के बाद मैदान में उतरे ‘जंगल कमांडो’ 

टाइगर स्टेट में टाइगर पर संकट: 54 मौतों के बाद मैदान में उतरे ‘जंगल कमांडो’ 

मध्यप्रदेश में बाघों की बढ़ती मौतों के बाद सरकार ने ‘जंगल कमांडो’ फोर्स बनाई। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में विशेष सुरक्षा मॉडल लागू, 24 जवानों को दिया जा रहा आधुनिक प्रशिक्षण।

Apr 09, 2026