यदि आप विंटर वेकेशन में बना रहे हैं घूमने की योजना, मप्र के ये...पर्यटन स्थल ना भूलें

यदि आप विंटर वेकेशन में बना रहे हैं घूमने की योजना, मप्र के ये...पर्यटन स्थल ना भूलें

By : स्वदेश डेस्क
यदि आप विंटर वेकेशन में बना रहे हैं घूमने की योजना, मप्र के ये...पर्यटन स्थल ना भूलें

भोपाल/वेबडेस्क। दिसंबर माह की शुरुआत के साथ मप्र समेत पूरे देश में अब कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। इस माह के अंत में क्रिसमस के नजदीक विंटर वेकेशन में लोग घूमने-फिरने की योजना बनाने लगे है।  ऐसे में हम आपको बता दें की इस मौसम में पर्यटन की दृष्टि मप्र एक बेहतरीन राज्य है। जिसके उत्तरी जिलों ग्वालियर-मुरैना-दतिया में जहां शिमला सी ठण्ड पड़ती है। वहीँ मालवा-बुंदेलखंड में मौसम काफी अच्छा रहता है। जिसमें ठंड का आनंद लेते हुए आसानी से घुमा जा सकता है।बता दें कि यहां ऐसे कई पर्यटन स्थल है जोकि सर्दी के मौसम में लोगों की पहले पसंद रहते है। जैसे की हेश्वर, पचमढ़ी, खजुराहो, कान्हा टाइगर रिजर्व, ग्वालियर फोर्ट, जयविलास म्यूजियम, मितावली- पड़ावली, आदि। 

खजुराहो - 


मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। ये जगह मप्र में पर्यटन के लिहाज से स्वर्ग कही जाती है।  यहां के मंदिर करीब एक हजार वर्ष पुराने हैं, जो अपनी वास्तु कला के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। बता दें कि खजुराहो के मंदिरों का निर्माण 950 ईसवीं से 1050 ईसवीं के बीच चन्देल राजाओं द्वारा किया गया था।  यहां खजुराहों मंदिर के अलावा कालिंजर दुर्ग, लक्ष्मण मंदिर, कंदरिया महादेव मंदिर भी प्रसिद्ध स्थल हैं।

सांची स्तूप - 


बौद्ध स्मारक के रूप में पहचान रखने वाला सांची स्तूप राजधानी भोपाल से 46 किमी दूर रायसेन जिले में स्थित है।  यह जगह अपने स्तूपों और बौद्ध मठों के लिए जानी जाती है।  यहबौद्ध स्मारकों में भारत में स्थित सबसे पुरानी पत्थर की संरचनाओं में से एक मानी जाती है। तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में मौर्य वंश के सम्राट अशोक द्वारा इसका निर्माण किया गया था।  यहां आप बौद्ध विहार , सांची स्तूप के चार द्वार , सांची संग्रहालय, द ग्रेट बाउल, गुप्त मंदिर, अशोक स्तंभ, देख सकते है। 

पचमढ़ी - 


पचमढ़ी को यूं तो मध्य प्रदेश का हिल स्टेशन कहा जाता है, लेकिन विंटर सीजन में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या कम नहीं रहती है। पचमढ़ी 1067 फीट की ऊंचाई पर सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला पर स्थित है। यहां धूपगढ़, जटा शंकर की गुफा, पांडव गुफा, प्रियदर्शिनी प्वाइंट, चौरागढ़ मंदिर सहित कई दर्शनीय स्थल हैं।

ओरछा रामराजा मंदिर - 


यदि आप किसी मंदिर को घूमने की योजना बना रहे तो बता दें की ओरछा स्थित राम राजा मंदिर बेहद शानदार जगह है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है की यहां की रानी भगवान् श्रीराम को बाल रूप में हाथ पकड़कर अयोध्या से ओरछा लाई थीं।  जिसके बाद से वह ही यहां राजा के रूप में पूजे जाते है। यहां भगवान श्रीराम को रोजाना सात बंदूकों की सलामी दी जाती है।  यहां मंदिर के अलावा आप ओरछा फोर्ट, छत्रियां, राजमहल, चतुर्भुज मंदिर, फूल बाग, दाऊ जी की हवेली सहित ऐसे कई स्थल है, जिन्हें आप घूम सकते है।

ग्वालियर फोर्ट 


यदि आपकी इच्छा राजाओं के शाही ठाट-बाट और उनके इतिहास से परिचित होने की है तो आप ग्वालियर किले की ओर अपना रुख कर सकते है। ग्वालियर का ये किला पूरे भारत का अभेद किला माना जाता है।  जिसे इतिहास में किसी भी राजा के द्वारा नहीं जीता जा सका। ग्वालियर किले की सुन्दरता और विशालता का वर्णन शब्दों में करना कठिन हैं। इस किले में मान मंदिर, गुजरी महल, पानी के टैंक, कर्ण, जहागीर महल आदि है। इसके अलावा सिख  गुरु हरगोविंद साहेब का गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ भी इस किले पर स्थित है। जिसके कारण ये पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है।  इसके अलावा आप ग्वालियर में जयविलास पैलेस म्यूजियम, तिघरा बांध, सरोद घर आदि जगह घूम सकते है।  

धुआंधार जलप्रपात  - 


यदि इस वेकेशन में आपकी ईच्छा नदी-पहाड़ झरने देखने की है तो आप जबलपुर जा सकते है। नर्मदा नदी के किनारे बसा ये शहर अपनी खुबसूरती के साथ जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध है। धुआंधार जलप्रपात मुख्य शहर से 30 किमी की दूरी पर स्थित है, जिसे स्मोक कैस्केड के रूप में भी जाना जाता है। यहां 98 फीट की ऊंचाई गिरता वाटरफॉल अपनी और बेहद आकर्षित करता है। यहां आप परिवार के साथ पिकनिक मनाने के साथ एडवेंचर एक्टिविटीज कर सकते हैं। इसके अलावा आप जबलपुर में भेड़ाघाट में संगमरमर की चट्टानें, मदन महल फोर्ट, बैलेंसिंग रॉक आदि देखने लायक पर्यटन स्थल है।  

टाइगर रिजर्व - 


यदि आप एडवेंचर के मूड में घर से घूमने निकले है तो कान्हा किसली राष्ट्रीय वन उद्यान जा सकते है। यह जगह टाइगर्स के घर के नाम से भी प्रसिद्ध है। ये क्षेत्र मंडला -बालाघाट जिले के बीच 940 वर्ग किमी में फैला है।  यहां आप हिरण, भालू, सियार सहित कई जंगली जानवरों को करीब से देख सकते है। 

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