सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट के तहत दो मादा चीतों को खुले जंगल में रिलीज किया। ये चीते अफ्रीकी देश वोत्वना से लाए गए थे।
मुख्यमंत्री रविवार शाम कूनो पहुंचे थे और वहीं रात्रि विश्राम किया। सोमवार सुबह कूनो नदी किनारे स्थित रिलीज साइट पर उन्होंने चीतों को खुले जंगल में छोड़ा। जंगल में तेजी से दौड़ते चीतों को देखकर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उत्साहित नजर आए।
CM डॉ. मोहन यादव बोले- चीतों को परिवार का हिस्सा बनाया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया चीता पुनर्स्थापना अभियान लगातार सफलता की ओर बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब देश में “चीता स्टेट” के रूप में पहचान बना रहा है और जैव विविधता संरक्षण में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
बोत्सवाना से लाए गए थे 9 चीते
हाल ही में बोत्सवाना से कुल 9 चीते कूनो लाए गए थे, जिनमें 5 मादा और 4 नर शामिल थे। भारत लाने के बाद इन्हें क्वारंटीन बाड़ों में निगरानी के तहत रखा गया।एक महीने की निगरानी अवधि पूरी होने के बाद इन्हें सॉफ्ट बाड़ों में शिफ्ट किया गया था। सोमवार को पहली बार इनमें से दो मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया है।

प्रदेश में अब 57 चीते
वन विभाग के अनुसार वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल 57 चीते हैं। इनमें 54 चीते कूनो नेशनल पार्क में और 3 चीते गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद हैं।अधिकारियों ने बताया कि सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और बाकी चीतों को भी चरणबद्ध तरीके से जंगल में छोड़ा जाएगा।
कूनो चीता प्रोजेक्ट क्यों है खास?
भारत में चीतों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से ऐतिहासिक परियोजना माना जा रहा है। दशकों पहले देश से विलुप्त हो चुके चीतों को दोबारा बसाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। Kuno National Park को इस परियोजना का प्रमुख केंद्र बनाया गया है, जहां अफ्रीकी देशों से लाए गए चीतों को प्राकृतिक वातावरण में बसाया जा रहा है।