मंदसौर: मध्यप्रदेश के Gandhi Sagar Dam क्षेत्र में अवैध रूप से करंट लगाकर मछलियों और जलीय जीवों का शिकार करने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस, वन और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
करंट से किया जा रहा था अवैध शिकार
जानकारी के अनुसार, गांधीसागर जलाशय के बैकवॉटर क्षेत्रों—गरोठ, बसई, संजीत, रामपुरा और चचोर में लंबे समय से मछली माफिया सक्रिय थे। ठेका निरस्त होने के बावजूद आरोपी अवैध तरीके से करंट का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में मछलियों का शिकार कर रहे थे।शनिवार रात ग्राम मगरा में दबिश के दौरान टीम ने मौके से करंट लगाने वाले उपकरण बरामद किए। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पश्चिम बंगाल के तीन आरोपी पकड़े गए
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुकांत सरकार, सुजान विश्वास और देवव्रत विश्वास के रूप में हुई है। ये सभी पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और इनके पास मत्स्याखेट का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला।पुलिस ने इनके ठिकाने से 4 बड़ी बैटरियां, 3 यूपीएस, विद्युत तार और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि ये आरोपी अंडरग्राउंड वायरिंग के जरिए जलाशय में करंट प्रवाहित करते थे।

मछलियों के साथ मगरमच्छ की भी मौत
करंट के जरिए शिकार के कारण बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई। इसके अलावा वन विभाग की जांच में जलाशय से एक मगरमच्छ भी मृत अवस्था में मिला है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे पिछले करीब दो महीनों से इस तरीके से मछलियों का शिकार कर रहे थे। प्रशासन को पहले भी इस इलाके में मछली माफिया के सक्रिय होने की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में थाना नाहरगढ़ में केस दर्ज कर लिया गया है।