भोपाल। राज्य शिक्षा केंद्र की आयोजित कक्षा 5-8 वीं बोर्ड परीक्षा में बड़े शहरों की तुलना में छोटे शहरों के सरकारी स्कूलों का शानदार प्रदर्शन किया। खासबात ये रहा कि पहली बार रिजल्ट पूरी तरह ऑनलाइन तैयार किया गया। कही भी पेपर वर्क का काम नहीं हुआ। इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र में बने अत्याधुनिक डिजीटल रूम से वेबसाइट खुलते ही प्रति मिनट एक लाख लोगों ने एक साथ परिणाम देखा। केंद्र ने लिंक पर एकसाथ कई सर्वर जोड़े, जिसे मंत्री उदय प्रताप सिंह के क्लिक करते ही लाखों लोगों तक परिणाम एक मिनट में पहुंच गया।
पेपरलेस और समय से पहले रिजल्ट
राज्य शिक्षा केंद्र के अपर संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र डॉ. अरूण सिंह ने पत्रकारों को बताया कि इसके लिए 12 हज़ार 943 केन्द्रों पर आयोजित दोनों परीक्षाओं का मात्र 14 दिन में 1 लाख 10 हजार 655 शिक्षकों ने 322 केन्द्रों पर मूल्यांकन कर अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि करके परिणाम तैयार किया। इससे पहले रिजल्ट शीट पर तैयार होते थे। इसमें समय लगने के बाद गलतियां होने की संभावना भी रहती थी, लेकिन इस बार पूरा रिजल्ट पेपरलेस तैयारी के साथ समय से पहले जारी करने में सफलता मिली।
उन्होंने बताया कि एक क्लिक पर परिणाम जारी होते ही विद्यार्थी, राज्य शिक्षा केंद्र की वेबसाइट की इस साइड पर प्रति मिनिट लगभग 1 लाख से अधिक लोगों ने अपना परीक्षा परिणाम देखा। रिजल्ट लिंक पर परिणाम देखने में किसी भी विद्यार्थी या अभिभावक को कोई परेशानी ना हो, इस दृष्टि से राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस बार आधुनिक सर्वर रूम बनाया था। रिजल्ट लिंक पर अनेक सर्वर एक साथ जोड़े गए थे, जिसके माध्यम से लाखों लोगों ने बिना किसी परेशानी के एक साथ अपना परीक्षा परिणाम देखा और डाउनलोड किया।
पत्रकारवार्ता में सचिव, स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक स्थायी समिति सदस्य भगीरथ कुमरावत, राम जी भावसार आदि उपस्थित रहे।
नई शिक्षा नीति लागू करने वाला एमपी पहला राज्य
पत्रकारवार्ता में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना एवं सीखने के लिए अवसर प्रदान करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू हुई नई शिक्षा नीति को लागू कर मध्यप्रदेश देश भर में अग्रणी राज्य बन गया है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के बेटे बेटियां अब कमजोर नहीं रह गए हैं, ये इन परीक्षाओं के परिणाम से साफतौर पर स्पष्ट दिख रहा है। इसके साथ ही जो छात्र एवं छात्राएं परीक्षा में असफल हुए हैं, उनके लिए जल्द ही पूरक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। जो विद्यार्थी जिस विषय में असफल रहें हैं, उन्हें मात्र उसी विषय की पुन: परीक्षा देनी होगी।
फैक्ट फाइल
क्षेत्रवार प्रदर्शन (प्रतिशत)
कक्षा 5 ग्रामीण 95.94 शहरी 93.03
कक्षा 8 ग्रामीण 94.11 शहरी 93.20
परिणाम
कक्षा 5
| स्कूल | शामिल बच्चे | उतीर्ण | प्रतिशत |
| शासकीय | 787415 | 751216 | 95.40 |
| अशासकीय | 485923 | 460601 | 94.79 |
| मदरसा | 3066 | 2527 | 82.42 |
कक्षा 8वीं
| स्कूल | शामिल बच्चे | उतीर्ण | प्रतिशत |
| शासकीय | 675742 | 628638 | 93.03 |
| अशासकीय | 414738 | 394822 | 95.20 |
| मदरसा | 2100 | 1697 | 80.81 |