भोपाल। गृह विभाग ने जनगणना को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है। इन निर्देशों में कहा है कि कोई भी प्रगणक अपने स्थानीय क्षेत्र में सभी लोगों से ऐसे सभी प्रश्न पूछ सकेगा, जिसके लिए उसे केंद्र सरकार ने अधिकृत किया है। साथ ही जनगणना प्रगणकों और सुपरवाइजरों को निर्देश दिए हैं कि किसी महिला को उसके पति या किसी अन्य पुरुष सदस्य का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जाएं।
गृह विभाग के निर्देश अनुसार हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि हरेक नागरिक को जनगणना करने घर से आने वाले लोकसेवक के सवालों का जवाब देना अनिवार्य है। जनगणना के लिए मकानों की गणना का काउंट डाउन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों के लिए भी गाइडलाइन जारी कर उनके कार्यक्षेत्र भी राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है। जारी गाइडलाइन में गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई व्यक्ति अगर परिवार की किसी महिला का नाम बताने से इनकार करता है, तो जनगणना कर्मी उसे बाध्य नहीं कर सकेंगे। अगर कोई महिला अपने पति या मृत पति का या ऐसे किसी व्यक्ति का नाम बताने बाध्य नहीं होगी, जिसका नाम बताने प्राचीन रूढि़ से प्रतिबंधित की गई हो।
जनगणना कार्य में बाधा, तो होगी सजा
गृह विभाग ने अधिसूचना में कहा है कि किसी घर, अहाते, जलयान या अन्य स्थान पर रहने वाला व्यक्ति जनगणना अधिकारियों को प्रवेश करने से नहीं रोक सकेगा। बशर्ते, वह स्थान परंपरा के चलते प्रतिबंधित न हो। साथ ही जनगणना करने वालों को इससे संबंधित संख्या के अंक दर्ज करने से भी नहीं रोका जा सकेगा। अगर कोई व्यक्ति सही जानकारी नहीं देता है या जनगणना के काम में बाधा पैदा करता है, अड़चन की स्थिति लाता है तो उसे एक हजार रुपए जुर्माना और तीन साल तक की सजा मिल सकती है।
इन विभागों के कर्मियों की लगी ड्यूटी
जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में एक मई से राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों को जनगणना से जुड़े कार्यों को पूरा करने अधिकृत किया है। इससे पहले राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, पंचायत, शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को प्रगणक और सुपरवाइजर बनाए गए हैं। इन सभी का प्रशिक्षण 15 से 31 अप्रैल के बीच होगा। नियुक्त अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में जानकारी एकत्रित करने, दस्तावेजों की जांच करने और जनगणना से संबंधित कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए अधिकृत होंगे। इसके साथ ही वे आवश्यकतानुसार किसी भी व्यक्ति से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण भी कर सकेंगे।