भोपाल। मध्य प्रदेश में कोचिंग सेंटर चलाने वालों के लिए नए नियम तय हो गए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश कोंचिंग केंद्र पंजीयन एवं विनियमन नियम, 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। मकसद विद्यार्थियों की सुरक्षा और संस्थानों की जवाबदेही बढ़ाना है।
वेबसाइट पर देनी होगी फीस और शिक्षकों की जानकारी
हर कोचिंग सेंटर को वेबसाइट बनाकर फीस, शिक्षक, सुविधाएं और शिकायत निवारण की व्यवस्था की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। किस परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी और फीस का पूरा ढांचा भी बताना होगा।
रजिस्ट्रेशन से लेकर रद्द पर अपील तक का अधिकार
संचालकों को 90 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा। पंजीयन 3 साल के लिए मान्य होगा। फिर नवीनीकरण कराना पड़ेगा। यह किसी और को ट्रांसफर नहीं होगा। एक से ज्यादा ब्रांच होने पर हर ब्रांच अलग कोचिंग सेंटर मानी जाएगी। पंजीयन रद्द, निलंबित या अस्वीकार होने पर आदेश मिलने के 30 दिन के भीतर संभागायुक्तों के सामने अपील की जा सकेगी। सुनवाई के बाद 45 दिन में निपटारा होगा।



सीसीटीवी लगेंगे, प्राइवेसी का ध्यान रखना जरूरी
परिसर में उपयुक्त जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। शौचालय,चेंजिंग रूम और परामर्श कक्ष जैसी संवेदनशील जगहों पर रिकॉर्डिंग नहीं होगी। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, साफ सफाई, प्राथमिक उपचार और आपात स्थिति के इंतजाम भी करने होंगे। साथ ही सुरक्षा प्रोटोकॉल की नियमित समीक्षा भी जरूरी है।
ट्यूटर की योग्यता फीस दिखाना जरूरी
ट्यूटर बनने की न्यूनतम योग्यता स्नातक रखी गई है। कुछ लोगों को ट्यूटर या सहायक कर्मचारी नहीं रखा जा सकेगा। संस्थानों को प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मचारी और योग्य परामर्शदाता रखना होगा। मानसिक स्वास्थ्य और करियर काउंसलिंग के नियमित सत्र होंगे। साथ ही अभिभावकों से संवाद भी किया जाएगा। धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव नहीं होगा। इतना ही नहीं बैच भी अलग नहीं किए जा सकेंगे। परिसर दिव्यांग विद्यार्थियों के अनुकूल भी बनाना होगा।