मध्यप्रदेश में ऑनलाइन गेमिंग और जुए की लत ने एक और युवा जिंदगी छीन ली। रीवा में पदस्थ कॉन्स्टेबल अनसिंह नरगावे ने खंडवा में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह ऑनलाइन गेमिंग और जुए के कारण भारी कर्ज में डूब गया था।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि अनसिंह की महज 20 दिन पहले ही सगाई हुई थी। परिवार को उसकी परेशानी का अंदाजा तक नहीं था। घटना के बाद परिजनों और पुलिस विभाग में शोक का माहौल है।
पेड़ से लटका मिला कॉन्स्टेबल का शव
मामला खंडवा के पदमनगर थाना क्षेत्र का है। इंदौर रोड स्थित किशोर कुमार समाधि स्थल के पास एक बबूल के पेड़ पर युवक का शव फंदे से लटका मिला।शव के पास मिले बैग में मध्यप्रदेश पुलिस का आईकार्ड मिला, जिसके बाद मृतक की पहचान बड़वानी जिले के राजपुर निवासी अनसिंह नरगावे के रूप में हुई। वह रीवा जिले के गढ़ थाने में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात था।
भाई से कहा था- घर आकर बात करूंगा
परिजनों के मुताबिक 5 मई को अनसिंह रीवा से छुट्टी लेकर निकला था। जाने से पहले उसने अपने चचेरे भाई दीवान नरगावे से फोन पर कहा था कि वह काफी परेशान है।परिवार ने उसे समझाकर घर आने के लिए कहा था ताकि बैठकर बात की जा सके। इसके बाद उसने मोबाइल बंद कर लिया। बाद में कुछ देर के लिए फोन चालू हुआ तो उसकी लोकेशन भोपाल के हबीबगंज स्टेशन पर मिली।
ऑनलाइन गेमिंग और कर्ज ने बढ़ाया तनाव
पदमनगर थाना प्रभारी जगदीश जमरे के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि अनसिंह ऑनलाइन गेमिंग और जुए की लत के कारण आर्थिक संकट में फंस गया था।बताया जा रहा है कि उसने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी उधार पैसे लिए थे। बढ़ते कर्ज और मानसिक तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।
20 दिन पहले हुई थी सगाई
परिजनों ने बताया कि पिछले महीने ही अनसिंह की सगाई हुई थी। वह अपनी मंगेतर से नियमित बातचीत करता था, लेकिन उसने कभी अपनी आर्थिक परेशानी या तनाव का जिक्र नहीं किया।जब लगातार उसका फोन बंद आने लगा तो सबसे पहले मंगेतर ने ही परिवार को इसकी जानकारी दी थी।
मध्यप्रदेश में बढ़ रहा ऑनलाइन गेमिंग का खतरा
मध्यप्रदेश में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे पहले भी खंडवा जिले से जुड़े एक अन्य पुलिसकर्मी ने ऑनलाइन गेमिंग के कारण आत्महत्या की थी।विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन जुआ और गेमिंग की लत युवाओं को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक संकट की ओर धकेल रही है। ऐसे मामलों में समय रहते परिवार और दोस्तों का सहयोग बेहद जरूरी माना जा रहा है।