भोपालः मध्यप्रदेश में 16 अप्रैल से जनगणना प्रक्रिया का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे राष्ट्र और प्रदेश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह देश की विकास योजनाओं की रीढ़ है।
16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना, मई में होगा मकान सूचीकरण
सरकार के अनुसार, जनगणना प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी
- 16 से 30 अप्रैल: स्व-गणना (Self Enumeration)
- 1 से 30 मई: मकान सूचीकरण (House Listing)
यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी, जिससे डेटा संग्रह अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके।
आधुनिक तकनीक से होगी जनगणना
इस बार जनगणना में डिजिटल और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि आंकड़ों की शुद्धता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।सरकार का मानना है कि डिजिटल जनगणना से भविष्य की योजनाओं के लिए विश्वसनीय डेटा तैयार होगा।
बेहतर सुविधाओं के लिए जरूरी सही आंकड़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि सही जानकारी से ही बेहतर स्कूल, अस्पताल और रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ इस प्रक्रिया में भाग लें।
नागरिकों की भागीदारी होगी अहम
विशेषज्ञों के अनुसार, जनगणना में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही सटीक डेटा प्राप्त होगा। यह डेटा आने वाले वर्षों में सरकार की नीतियों और योजनाओं का आधार बनेगा।