मंडल, प्राधिकरण, आयोग के नव-नियुक्त पदाधिकारियों को रुतबे का इंतजार
ढाई साल के इंतजार के बाद राज्य सरकार ने संगठन के समन्वय से निगम, मंडलों, आयोग और प्राधिकरणों में 60 नियुक्तियां कर दी हैं। निगम-मंडलों में वरिष्ठ और कनिष्ठ कार्यकर्ताओं को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य बनाया गया है। लेकिन मंत्री दर्जा नहीं दिए जाने से सभी नव-नियुक्त पदाधिकारी असमंजस की स्थिति में हैं। उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें केवल पद और कुर्सी ही मिलेगी या कैबिनेट और राज्य मंत्री जैसी सुविधाएं एवं शक्तियां भी मिल पाएंगी।
प्रदेशभर में अब तक कुल 60 नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जिनमें 10 प्राधिकरण, 8 निगम, 5 आयोग, 4 बोर्ड, 3 समितियां और अन्य संस्थान शामिल हैं।
मंत्री तो बनेंगे, लेकिन सुविधाएं और संसाधन कटेंगे
पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सरकार में अशासकीय नियुक्तियों वाले नव-नियुक्त अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर कैबिनेट और राज्य मंत्री का दर्जा तो दिए जाने की संभावना है, लेकिन इनकी सुविधाओं और मिलने वाली शक्तियों में कटौती की जा सकती है।सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी है कि वीआईपी संस्कृति को बढ़ावा न देने के बहाने सरकार कैबिनेट और राज्य मंत्रियों को मिलने वाली कई सुविधाओं में कटौती कर सकती है। हालांकि, 24 दिसंबर 2021 को जब निगम-मंडलों की सूची जारी हुई थी, तब उन्हें कैबिनेट व राज्य मंत्री का दर्जा तुरंत मिल गया था।
पिछली सूची के ये नाम बाहर
श्रीमती इमरती देवी, गिर्राज दण्डोतिया, रणवीर जाटव, मुन्नालाल गोयल, रघुराज कंसाना, जसवंत जाटव, प्रहलाद भारती, नरेन्द्र बिरथरे, राजकुमार कुशवाहा सहित अन्य।
अभी और भी होंगी नियुक्तियां
निगम-मंडलों, आयोग, प्राधिकरणों में नियुक्तियों की सूची करीब दो सप्ताह से जारी नहीं हुई है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि नियुक्तियां अभी और भी होनी हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यपरिषद और जनभागीदारी समितियों तथा सभी 16 नगर निगमों में वरिष्ठ पार्षदों की नियुक्तियां अभी शेष हैं। इसके अलावा भी विभिन्न विभागों और कार्यालयों में प्रमुख कार्यकर्ताओं को पद दिए जाने शेष हैं।
मंत्री दर्जे के बाद मिलती हैं ये सुविधाएं
मानदेय (वेतन) और उपचार भत्ता सहित कार्यालय खर्च की एक निश्चित राशि दी जाती है। इसके अलावा यात्रा और प्रवास के लिए सरकारी वाहन एवं चालक, हर महीने निश्चित सीमा तक पेट्रोल/डीजल, राजधानी या कार्यक्षेत्र में राज्य मंत्री स्तर का सुसज्जित सरकारी बंगला अथवा आवास तथा कार्यालय के लिए स्टाफ (लिपिक, चपरासी आदि) उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा आधिकारिक प्रवासों पर मंत्री प्रोटोकॉल तथा आवश्यकतानुसार सुरक्षा गार्ड भी उपलब्ध कराए जाते हैं। सरकारी यात्राओं के लिए टीए/डीए तथा निगम-मंडल अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और उनके परिवार के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं भी मिलती हैं।