मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मियों पर अब सख्ती की तैयारी की गई है। पुलिस मुख्यालय ने नई पदस्थापना व्यवस्था लागू करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी पुलिसकर्मी एक ही थाने में पांच वर्ष से अधिक समय तक पदस्थ नहीं रहेगा। इतना ही नहीं, कार्यकाल पूरा होने के बाद उसे उसी थाने में दोबारा पदस्थ करने पर भी रोक लगा दी गई है।
डीजीपी कैलाश मकवाना द्वारा जारी आदेश में सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि थानों में पदस्थ कर्मचारियों की तत्काल समीक्षा कर 1 जून से 5 जून के बीच स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी की जाए।नई पदस्थापना वाले थानों में कर्मचारियों की जॉइनिंग 15 जून तक सुनिश्चित करने को कहा गया है।
एक ही पुलिस अनुभाग में 10 साल की सीमा
आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर तक के कर्मचारियों के लिए भी नई सीमा तय की गई है। किसी भी पुलिसकर्मी को एक ही पुलिस अनुविभाग या अनुभाग में अलग-अलग पदों पर मिलाकर कुल 10 वर्ष से अधिक समय तक पदस्थ नहीं रखा जाएगा। इससे एक ही क्षेत्र में लंबे समय तक प्रभाव बनाए रखने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
जानकारी सौंपना होगी जरूरी
आदेश में यह भी कहा गया है कि स्थानांतरित होने वाले कर्मचारियों से संबंधित लंबित जांच, केस डायरी और अन्य प्रकरणों की पूरी जानकारी नए थाना प्रभारी को विधिवत सौंपी जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों से 16 जून 2026 तक कार्रवाई रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।