भोपाल। प्रदेश के शिक्षक 8 अप्रैल से विशेष पात्रता परीक्षा टीईटी के खिलाफ सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया। ये प्रदर्शन जनपद ब्लॉक से लेकर राजधानी तक होगा। इसके माध्यम से आदेश को स्थगित करने की मांग करेंगे। इस संबंध में शुक्रवार की शाम शिक्षक संघों के जिलाध्यक्षों की एक आवश्यक बैठक बुलाई गई। इसमें अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा शाखा भोपाल का गठन किया गया है। बैठक में आंदोलन को लेकर रूपरेखा तैयार की गई।
बता दें कि शिक्षक संगठनों का प्रतिनिधि मंडल ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन लगाई है, जिसे कोर्ट ने विचारार्थ मंजूर कर लिया है। हालांकि सुनवाई कब होगी? इसकी तारीख तय नहीं हुई है। मध्य प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों एवं अध्यापकों ने 12 प्रमुख संगठनों के बैनर के साथ इस मुद्दे पर संघर्ष करने के लिए अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का गठन किया है।
बैठक में ये हुआ निर्णय
शासकीय शिक्षक संगठन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और संयुक्त मोर्चा के सदस्य उपेंद्र कौशल ने बताया कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा और अधिकारों की है। इसके तहत 8 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करेंगे, जो 18 अप्रैल को भोपाल में मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा तक पहुंचाकर समाप्त होगी। 8 अप्रैल को प्रदर्शन लोक शिक्षण संचालनालय मुख्यालय पर किया जाएगा। 11 अप्रैल को ब्लॉक और जिले स्तर पर प्रदर्शन कर समस्त स्थानीय विधायक, मंत्री, सांसद को ज्ञापन देंगे और टीईटी परीक्षा आदेश निरस्त करने, सरकार से शिक्षकों के हित एवं संरक्षण में सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दायर करने और नवीन शिक्षक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से करने की मांग करेंगे।
इस बैठक में मोर्चा में शामिल शासकीय शिक्षक संगठन, प्रांतीय शिक्षक संघ, राज्य शिक्षक संघ, आजाद अध्यापक शिक्षक संघ, गुरूजी अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सहित शिक्षक नेता राकेश पटेल, उपेंद्र कौशल, राकेश पाण्डेय, गिरीश द्विवेदी, दर्शन ओढ़, जितेन्द्र शाक्य, राजेश साहू, नीलेश आर्य, द्वारका पटेल, राजेन्द्र गुप्ता, नितेश नागर, आनंद वाणी, माया मेडम सहित महिला प्रतिनिधि उपस्थित थे।
आंदोलन का ये रहेगा कार्यक्रम
8 अप्रैल- जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन
11 अप्रैल- ब्लॉक स्तर पर धरना और जनप्रतिनिधियों का ध्यानाकर्षण
18 अप्रैल- भोपाल में मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा
रिटायर जज एसके गंगेले करेंगे पैरवी
संगठन अध्यक्ष कौशल ने बताया कि टीईटी पर विचार करने एक मल्टी पिटीशन केस सुप्रीम कोर्ट में विचारार्थ स्वीकार कर लिया गया है। इस पूरे मामले की पैरवी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के रिटायर जज एसके गंगेले करेंगे। संगठन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन केस नंबर 1385 रजिस्टर्ड हो गया है।