भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा और वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। आयोग ने पहली बार परीक्षा केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है।
26 अप्रैल को होगी परीक्षा
एमपीपीएससी की राज्य सेवा और वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल को प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में करीब 1.33 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जबकि कुल पदों की संख्या 155 बताई गई है।
पहली बार लागू होगी थ्री-लेयर सिक्योरिटी
इस बार नकल और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए आयोग ने थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया है। इसके तहत अभ्यर्थियों को तीन चरणों की जांच से गुजरना होगा—
- बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन
- मेटल डिटेक्टर जांच
- सीसीटीवी निगरानी
आयोग के अनुसार, यह व्यवस्था परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू की जा रही है।
परीक्षा केंद्र पर 2 घंटे पहले पहुंचना जरूरी
आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा केंद्र पर कम से कम 1.5 से 2 घंटे पहले पहुंचें। प्रवेश प्रक्रिया में अधिक समय लगने की संभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अभ्यर्थी केवल प्रवेश पत्र और पेन ही अपने साथ परीक्षा कक्ष में ले जा सकेंगे। मोबाइल फोन, घड़ी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केंद्र के बाहर जमा कराने होंगे।
बायोमैट्रिक और आधार वेरिफिकेशन से होगी एंट्री
प्रवेश प्रक्रिया के पहले चरण में आधार कार्ड, क्यूआर कोड और बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसमें फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैनिंग शामिल होगी, जिससे किसी भी तरह की फर्जी पहचान की संभावना खत्म की जा सके। दूसरे चरण में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी ताकि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या संदिग्ध सामग्री को रोका जा सके। तीसरे चरण में प्रत्येक परीक्षा कक्ष में CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सीधी निगरानी आयोग के कंट्रोल रूम से की जाएगी।
डेटा सुरक्षा पर भी जोर
आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से जुड़ा पूरा डेटा अंतिम चयन प्रक्रिया तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह की गड़बड़ी की जांच संभव हो सके।