सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) से लगे ग्रामीण इलाकों में जंगली हिंसक जानवरों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है। बीते कुछ समय से ग्रामीणों पर हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे जंगल किनारे बसे गांवों में भय का माहौल है। इसी बीच पिपरिया वन परिक्षेत्र के कुर्सीखापा फॉरेस्ट बीट में 13 वर्षीय बालक पर तेंदुए ने हमला कर दिया, लेकिन उसने साहस दिखाते हुए अपनी जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार, कुर्सीखापा निवासी सत्यम ठाकुर शनिवार शाम करीब 7 बजे घर से लगभग 100 मीटर दूर खेत स्थित कुएं के पास खेल रहा था। तभी झाड़ियों में छिपा तेंदुआ अचानक बाहर निकला और सत्यम पर हमला कर दिया।अचानक हुए हमले से घबराने के बजाय बालक ने हिम्मत दिखाई और तेंदुए की गर्दन पकड़कर खुद को छुड़ाने का प्रयास करने लगा। सत्यम की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता महेंद्र सिंह ठाकुर सहित परिजन डंडे लेकर मौके पर पहुंचे।ग्रामीणों के शोर और भीड़ को देख तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। हमले में सत्यम के हाथ, पैर, पेट और अंगुलियों में तेंदुए के नाखून से चोटें आई हैं। परिजन तत्काल उसे पिपरिया सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है।वन रक्षक बरवेंद्र शाह उईके ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची। विभाग द्वारा तत्काल उपचार हेतु एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
एसटीआर के ग्रामीण व रिहायशी इलाकों में बढ़ रहा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से लगे गांवों में तेंदुआ, बाघ और अन्य हिंसक वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। खेतों, कुओं और गांव की सीमा तक वन्यजीव पहुंच रहे हैं। शाम होते ही ग्रामीणों में डर का माहौल बन जाता है।हाल के महीनों में कई बार मवेशियों और ग्रामीणों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल से लगे क्षेत्रों में अकेले न जाएं, बच्चों को शाम के समय बाहर न छोड़ें तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।