शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां दो सगी बहनों की मौत से दो परिवारों में मातम पसरा हुआ है। पति की मौत के सदमे से जूझ रही छोटी बहन की मौत के करीब 5 घंटे बाद बड़ी बहन और उसके तीन बच्चों की भी जान चली गई। इस घटना में गर्भस्थ शिशु समेत कुल 7 जिंदगियां खत्म हो गईं। शुक्रवार को बड़ी बहन और उसके तीनों बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई का यह दृश्य देखकर पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।
पति की मौत के सदमे में थी छोटी बहन
जानकारी के मुताबिक, बैराड़ के गूगर पट्टी गांव निवासी ब्रजबाई (30) के पति धर्मवीर रावत की करीब तीन सप्ताह पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। ब्रजबाई 8 महीने की गर्भवती थीं। पति की मौत के बाद से वह गहरे मानसिक तनाव में थीं.बुधवार दोपहर ब्रजबाई अपने बच्चों के साथ घर के पीछे स्थित कुएं के पास पहुंचीं। इस दौरान उनके 6 वर्षीय बेटे प्रशांत की भी मौत हो गई। दोनों के शव दोपहर करीब 3 बजे बरामद किए गए।
बहन की मौत के 5 घंटे बाद बड़ी बहन की भी गई जान
इस घटना के करीब 40 किलोमीटर दूर कोलारस के सेसई सड़क गांव में रहने वाली ब्रजबाई की बड़ी बहन सीता रावत (35) को जब छोटी बहन की मौत की जानकारी मिली, तो परिवार के लोग भी सदमे में आ गए।इसी दिन शाम करीब 6 बजे सीता अपनी बेटियों राखी (14), प्रियंका (11) और बेटे श्लोक (6) के साथ खेत की ओर गई थीं। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। बाद में खेत के कुएं में मां और बच्चों के शव मिले। पुलिस की मदद से रात में सभी शव बाहर निकाले गए।
एक ही चिता पर हुआ मां और तीन बच्चों का अंतिम संस्कार
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। शुक्रवार को सीता और उनके तीनों बच्चों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली। चारों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।पत्नी और तीन बच्चों को खोने के बाद रामसिंह रावत का रो-रोकर बुरा हाल है। वह इतने सदमे में थे कि श्मशान घाट तक दूसरों के सहारे पहुंचे।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
एएसपी रामदास प्रजापति के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में ब्रजबाई के पति की सड़क हादसे में मौत के बाद मानसिक तनाव की बात सामने आई है। वहीं, सेसई सड़क गांव में हुई घटना की ठोस वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।