लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के आठ दिन बाद आखिरकार नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आठ मंत्रियों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है। इसे सरकार की राजनीतिक और सामाजिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सबसे चर्चित नाम बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का रहा, जिन्हें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
किस मंत्री को मिला कौन सा विभाग
सरकार की ओर से जारी सूची के मुताबिक, मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है। वहीं अजीत सिंह पाल को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग दिया गया है। सोमेन्द्र तोमर को राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग का स्वतंत्र प्रभार मिला है।
इसके अलावा:
कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग
कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग
सुरेन्द्र दिलेर को राजस्व विभाग
हंस राज विश्वकर्मा को MSME विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया है।
2027 चुनाव से पहले बड़ा संदेश
राजनीतिक जानकार इस विभागीय बंटवारे को सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं मान रहे हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। सरकार का फोकस ऐसे नेताओं को अहम जिम्मेदारी देने पर दिख रहा है, जिनका असर अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों में माना जाता है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की रणनीति भी इसमें नजर आ रही है।
सोमवार को होगी पहली कैबिनेट बैठक
मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे के बाद अब सोमवार 18 मई को योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक होगी। बैठक सुबह 9:45 बजे से 10:45 बजे तक प्रस्तावित है। नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद सभी मंत्री पहली बार कैबिनेट बैठक में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है।
संगठन और सरकार के बीच तालमेल पर जोर
बीजेपी नेतृत्व लंबे समय से संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय पर काम कर रहा है। नए विभागों के बंटवारे में इसी रणनीति की झलक दिखाई दे रही है। भूपेंद्र चौधरी जैसे संगठन के बड़े चेहरे को MSME जैसा अहम विभाग देना भी इसी दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। MSME सेक्टर को रोजगार और निवेश के लिहाज से यूपी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया जाता है।