उत्तर प्रदेश के चंदौली में रविवार सुबह चलती ट्रेन में हुई हत्या ने रेलवे सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में बदमाशों ने एक यात्री की कनपटी पर गोली मार दी और फिर शव को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। हैरानी की बात यह रही कि हत्या के बाद आरोपी तुरंत नहीं भागे।
आरोपी करीब 7 किलोमीटर तक उसी ट्रेन में सफर करते रहे। इस दौरान डिब्बे में बैठे यात्री डर और दहशत में चुपचाप सब देखते रहे। घटना कुचमन और सकलडीहा रेलवे स्टेशन के बीच हुई। वारदात के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्टेशन छूटते ही शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, ताड़ीघाट पैसेंजर सुबह पीडीडीयू जंक्शन से रवाना हुई थी। ट्रेन जब कुचमन स्टेशन से आगे बढ़ी, तभी एक कोच में मंगरू नाम के यात्री का दो युवकों से विवाद शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस कुछ ही मिनटों में हिंसक हो गई। एक युवक ने जेब से पिस्टल निकाली और मंगरू की कनपटी पर सटाकर गोली मार दी।
गोली लगते ही मंगरू खून से लथपथ होकर सीट के पास गिर पड़ा। यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन हथियारबंद बदमाशों के डर से कोई आगे नहीं आया।
हत्या के बाद चलती ट्रेन से फेंका शव
ट्रेन दरियापुर इलाके के पास पहुंची तो आरोपियों ने शव को रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया। इसके बाद भी दोनों युवक ट्रेन में बने रहे। करीब 7 किलोमीटर तक सफर करने के बाद जब ट्रेन सकलडीहा स्टेशन के पास धीमी हुई, तब दोनों आरोपी पिट्ठू बैग लेकर नीचे उतर गए और फरार हो गए। यात्रियों ने स्टेशन पहुंचकर घटना की जानकारी पुलिस और रेलवे अधिकारियों को दी। इसके बाद GRP, RPF और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।
मृतक की पहचान, CCTV से तलाश शुरू
GRP ने मृतक की पहचान गाजीपुर निवासी 34 वर्षीय मंगरू के रूप में की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रेलवे पुलिस का कहना है कि आरोपी पीडीडीयू जंक्शन से ही ट्रेन में सवार हुए थे। पुलिस अब कुचमन से जमानिया तक के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान हो सके। एसपी रेलवे प्रशांत वर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कराई। पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
यात्रियों में डर, रेलवे सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद यात्रियों में गहरा डर देखने को मिला। लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े चलती ट्रेन में हत्या होना बेहद चिंताजनक है। रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद नहीं था, जिसकी वजह से आरोपी वारदात के बाद आसानी से फरार हो गए। यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।