लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बीते 48 घंटों के दौरान आंधी-बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने गंभीर असर डाला है। अलग-अलग जिलों में कुल 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम का यह बदला हुआ मिजाज रविवार सुबह तक जारी रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
कानपुर में सबसे ज्यादा नुकसान
शनिवार को कानपुर में धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। हैलट अस्पताल परिसर में पानी भर गया। तेज हवा के कारण 200 से ज्यादा पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए। काकादेव इलाके में एक बरगद का पेड़ चलते ऑटो पर गिर गया, जिससे ऑटो चालक और एक 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
सीतापुर में दर्दनाक हादसा
सीतापुर में बिजली गिरने से एक घर में आग लग गई। इस हादसे में मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक 7 साल की बच्ची झुलस गई है।
अन्य जिलों में भी असर
वाराणसी, चित्रकूट, ललितपुर, झांसी और जालौन समेत कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और चना की फसल को नुकसान पहुंचा है। लखनऊ में 1 मार्च से अब तक 19.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से 165% अधिक है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने 23 जिलों में बारिश और 15 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। अनुमान है कि 7 अप्रैल से फिर आंधी-तूफान और बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।
CM योगी का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन किया जाए और 24 घंटे के भीतर मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। सीएम ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जान-माल के नुकसान को कम से कम रखने के लिए जरूरी कदम तुरंत उठाए जाएं।