वर्ल्ड कैंसर डे स्पेशल: इलाज में देरी से 60% स्तन कैंसर महिला मरीजों हो जाती है मौत

वर्ल्ड कैंसर डे स्पेशल: इलाज में देरी से 60% स्तन कैंसर महिला मरीजों हो जाती है मौत

भोपाल स्थित एम्स के अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इसके अनुसार स्तन कैंसर के इलाज में देरी से 60 फीसदी महिलाओं की मौत हो जाती है। वर्ल्ड कैंसर डे पर पढ़े खास खबर।

By : स्वदेश डेस्क
वर्ल्ड कैंसर डे स्पेशल: इलाज में देरी से 60% स्तन कैंसर महिला मरीजों हो जाती है मौत

भोपाल। एम्स भोपाल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के अध्ययन में लगभग 60 फीसदी महिलाओं में स्तन कैंसर की पहचान एडवांस स्टेज में होने की पुष्टि हुई है। इससे मौतों का कारण भी यही माना जाता है। इसकी वजह उपचार में देरी, संकोच और भय है। एम्स की जांच में मिला कि मध्यप्रदेश के महिलाओं में इस रोग की पहचान स्टेज तीन और चार में हुई।

इस अध्ययन एम्स भोपाल के प्रधान अन्वेषक डॉ. विनय कुमार ने किया। डॉ कुमार के अनुसार अधिकांश महिलाएं एडवांस स्टेज के बाद ही स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचती हैं। इसकी वजह जागरूकता की कमी, सामाजिक संकोच और भय हैं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और शुरुआती पहचान से स्तन कैंसर पूरी तरह उपचार योग्य हो सकता है और जीवन रक्षा की संभावना काफी बढ़ जाती है।

बता दें कि एम्स में स्तन कैंसर के लिए जांच, परामर्श और सर्जिकल, मेडिकल एवं रेडिएशन उपचार की सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हैं। सर्जिकल विभाग के पिछले छह महीनों के आंकड़ों के अनुसार अध्ययन में कुल 167 स्तन कैंसर रोगियों की जांच की गई। इनमें से लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं में रोग की पहचान स्टेज तीन और चार जैसी एडवांस स्टेज में हुई, जबकि केवल 32 प्रतिशत मामलों में स्टेज दो में निदान संभव हो सका।

अध्ययन में इनका मिला सहयोग

इस अध्ययन में डॉ. अभिषेक धर द्विवेदी, डॉ. प्राची कर्णे, धर्मेंद्र मेहरा और अनुरुद्ध मिश्रा का सहयोग मिला, जो जांच, डेटा संग्रह, काउंसलिंग और सामुदायिक जागरूकता गतिविधियों में से जुड़े है। एम्स के ईडी डॉ माधवानन्द कर ने इस अध्ययन के लिए टीम की सराहना करते हुए कहा कि स्तन कैंसर से महिला का जीवन केवल जागरूकता, शीघ्र निदान और समय पर उपचार से ही हो सकता है।

एम्स में हैं ये सुविधाएं

एम्स भोपाल में स्तन कैंसर के लिए समर्पित ऑन्कोलॉजी ऑपरेशन थियेटर, उन्नत नैदानिक एवं इमेजिंग सुविधाएं, सर्जिकल, मेडिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट तथा प्रशिक्षित काउंसलरों की बहुविषयक टीम कार्यरत है। इससे मध्य भारत और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को विशेष लाभ मिल रहा है।

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